-सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने रेल विद्युतीकरण तथा नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर मांगी थी जानकारी
-रेल विद्युतीकरण कार्यक्रम से डीजल खपत में 185 करोड़ लीटर की कमी आई, बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत हुई
उदयपुर। भारतीय रेल ने विश्व में सबसे तेज गति से रेल विद्युतीकरण कार्यक्रम शुरू किया है। इस मामले में भारत अब चीन सहित पांच देशों से आगे निकल गया है। सबसे खास बात यह है कि रेल विद्युतीकरण कार्यक्रम से डीजल खपत में 185 करोड़ लीटर की कमी आई है और इससे राजकोष के लिए बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
सांसद डॉ मन्नालाल रावत की ओर से लोकसभा में रेलवे के विद्युतीकरण तथा नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर पूछे गए प्रश्न पर रेल, सूचना और प्रसारण एवं इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय रेल पर रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण मिशन मोड में शुरू किया गया है। अब तक, बड़ी लाइन नेटवर्क का लगभग 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण किया जा चुका है। शेष नेटवर्क पर विद्युतीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है।
इस मामले में चीन अभी 82 प्रतिशत पर ही है। स्पेन 67 प्रतिशत, जापान 64 प्रतिशत, फ्रांस 60 प्रतिशत तथा यूनाइटेड किंगडम 39 प्रतिशत के साथ भारत से बहुत पीछे है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 2014 से पहले (लगभग 60 वर्ष) 21,801 किलोमीटर मार्ग ही विद्युतीकरण हुआ था, जबकि उसके बाद के वर्षों में बडी तरक्की करते हुए 48,072 मार्ग विद्युतीकरण कर दिया गया। पुरानी के साथ ही सभी नई लाइन व बहुपथन परियोजनाओं को विद्युतीकरण के साथ ही स्वीकृत और निर्मित किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने सांसद डॉ रावत के प्रश्न पर बताया कि कई देश केवल अपने सबसे व्यस्तम यात्री और माल ढुलाई गलियारों को विद्युतीकृत करने को प्राथमिकता देते हैं। भारत ने अपने सम्पूर्ण बड़ी लाइन नेटवर्क को विद्युतीकृत करने का विनिश्चय किया है। रेल विद्युतीकरण में भारतीय रेल की उपलब्धि विश्व स्तर पर विशिष्ट है।
नेटवर्क कवरेज के आधार पर, भारतीय रेल अब विश्व की सबसे व्यापक रूप से विद्युतीकृत बड़ी रेल प्रणालियों में से एक है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि रेलपथों के विद्युतीकरण से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होती है, डीज़ल की खपत कम होती है, परिणामस्वरुप कार्बन उत्सर्जन कम होता है। विद्युतीकरण से बेहतर माल ढुलाई क्षमता और गाड़ी की गति बढ़ती है, जिससे यात्रा का समय कम होता है और दक्षता में वृद्धि होती है।
विद्युतिकरण से भारतीय रेल की डीजल खपत में 185 करोड़ लीटर की कमी आई है। 2024-25 में लगभग 108 करोड़ लीटर की खपत हुई है, जबकि 2015-16 में 293 करोड़ लीटर की खपत हुई थी। परिणामस्वरूप भारत सरकार के राजकोष के लिए बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
सांसद डॉ रावत के जवाब पर रेल मंत्री ने कहा-रेल विद्युतीकरण में भारत अब चीन सहित पांच देशों से आगे निकला, 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा
