अपात्रों से स्वेच्छिक रूप से नाम हटवाने की समझाइश
उदयपुर, 15 अक्टूबर। जिला रसद अधिकारी (प्रथम) के निर्देशन में उदयपुर जिले के मावली और फतेहनगर-सनवाड़ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा योजना के पात्र एवं अपात्र परिवारों की पहचान के लिए प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा सघन निरीक्षण और डोर-टू-डोर सर्वे किया गया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य योजना का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक पहुंचाना तथा सरकारी संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों ने घर-घर जाकर जांची स्थिति : जिला रसद अधिकारी मणि खींची ने बताया कि सर्वे के तहत सनवाड़ क्षेत्र में प्रवर्तन अधिकारी पुष्पेंद्र चौधरी एवं मानसी पंड्या ने घर-घर जाकर परिवारों की आर्थिक स्थिति का जायजा लिया। वहीं, मावली क्षेत्र के वार्ड संख्या 1 में प्रवर्तन निरीक्षक अभिषेक खींची एवं प्रवर्तन निरीक्षक कालूराम तावियार द्वारा निरीक्षण और सर्वे की कार्रवाई की गई। सर्वे में सामने आया कि कुछ बेहद गरीब परिवार पूरी तरह सरकारी गेहूं पर निर्भर हैं। ऐसे परिवारों को योजना का निरंतर लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। निरीक्षण में कई ऐसे परिवार भी मिले जो पात्रता श्रेणी में नहीं आने के बावजूद योजना का लाभ उठा रहे हैं। अधिकारियों ने ऐसे अपात्र परिवारों को अपनी पात्रता की समीक्षा करने और नियमानुसार स्वेच्छा से नाम हटवाने के लिए प्रेरित किया। ऐसे जरूरतमंद परिवार जो पात्र होने के बावजूद अभी तक खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें चिन्हित कर खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने की आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
जारी रहेगा अभियान : जिला रसद अधिकारी श्री खींची ने बताया कि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने, अपात्र लाभार्थियों को बाहर करने और नए पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने के लिए निरीक्षण और सर्वे का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
