एक विश्लेषण : मेवाड़ का मिथक बनेगा या पिछले साल की तरह टूटेगा
-सुभाष शर्मा कहा जाता रहा है कि मेवाड़ जिस पार्टी संग गया, राजस्थान में सरकार उसी की ही बनी। हालांकि विधानसभा चुनाव 2018 में यह मिथक टूट गया और कम सीट वाली कांग्रेस सत्तारूढ़ हुई। इस विधानसभा चुनाव में यह मिथक फिर से पुरानी कहानी दोहराएगा या नहीं। यह शनिवार को मतपेटियों में कैद हो जाएगा लेकिन जाहिर 3 दिसम्बर को मतगणना समाप्ति के साथ होगा। मेवाड़ में उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ के अलावा भीलवाड़ा जिले में शामिल हैं, लेकिन नए संभागों के गठन से पहले उदयपुर संभाग में वागड़ के डूंगरपुर और बांसवाड़ा तथा कांठल का प्रतापगढ़ जिला भी शामिल…
