प्रदेश में 2500 वर्गमीटर या उससे बड़े भू-खण्ड़ों में स्नानागार एवं रसोई के अपशिष्ट जल का शुद्धिकरण एवं रिसाईकिलिंग करना होगा जरूरी
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भू-जल मंत्री -दस हजार वर्ग मीटर से अधिक सकल निर्मित क्षेत्र में अपशिष्ट जल के शुद्धिकरण के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करना होगा अनिवार्य जयपुर, 08 अगस्त। प्रदेश में 2500 वर्गमीटर तथा उससे बड़े भू-खण्डों में स्नानागार तथा रसोई के अपशिष्ट जल के शुद्धिकरण एवं रिसाईकिलिंग की व्यवस्था किया जाना आवश्यक होगा। इसमें शोचालय से निकलने वाला जल शामिल नहीं होगा। 10 हजार वर्ग मीटर से अधिक सकल निर्मित क्षेत्र होने पर अपशिष्ट जल के शुद्धिकरण हेतु सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाना आवश्यक होगा। शोचालय में उपयोग में ली जाने वाली वॉटर क्लोजेट में ड्यूल…
