अज्ञान के अंधकार से निकालकर आत्मकल्याण का मार्ग दिखाता है ज्ञानःसाध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी
वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में नवपद आराधना का सातवां दिन, ज्ञान पद की महिमा बताकर श्रद्धालुओं को किया प्रेरित उदयपुर। ज्ञान वही है, जो मनुष्य के जीवन को निर्मल बनाए, विचारों को शुद्ध करे और उसे धर्म एवं आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ाए। केवल बड़ी-बड़ी डिग्रियां हासिल करना ही ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन में सही-गलत की पहचान कर सदाचार अपनाना ही वास्तविक ज्ञान है। यह विचार शुक्रवार को वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित धर्मसभा में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने व्यक्त किए। वे नवपद आराधना के सातवें दिन ज्ञान पद की महिमा का वर्णन कर रही थीं। साध्वीश्री ने…
