1951 की जनगणना में हिन्दू बताकर बाद की जनगणना में धर्म बदलने वाले अजजा लोगों की पात्रता की संवैधानिक वैधता स्पष्ट हो: सांसद डॉ रावत
उदयपुर। सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को पत्र लिखकर धर्म अथवा सांस्कृतिक परिवर्तन के बाद अनुसूचित जनजाति की पात्रता की संवैधानिक वैधता को समाप्त करने को लेकर स्पष्टता जारी करने का आग्रह किया है। ऐसा नहीं होने से धर्म अथवा सांस्कृतिक परिवर्तन के बाद भी कई लोग अनुसूचित जनजाति की पात्रता का लाभ उठा रहे हैं। सांसद डॉ रावत ने पत्र में लिखा कि भारत सरकार द्वारा अनुसूचित जनजातियों की पहचान के लिए पांच मानदंड स्थापित किए गए हैं। इनमें आदिम लक्षणों के संकेत, विशिष्ट संस्कृति, भौगोलिक एकाकीपन, बड़े पैमाने पर समुदाय के साथ…
