मुकेश के अमर गीतों से सजी सतरंगी परिवार की संगीतमय संध्या

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

जन्म जयंती माह के उपलक्ष्य में सदस्यों ने दी भावपूर्ण प्रस्तुतियां, श्रोताओं ने सराहा आयोजन
मुकेश की मधुर आवाज को दी संगीतमय श्रद्धांजलि, सतरंगी परिवार के सदस्यों ने बिखेरे सुरों के रंग

उदयपुर। महान पार्श्व गायक मुकेश की जन्म जयंती माह के अवसर पर सतरंगी परिवार द्वारा एक विशेष संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

संगीत को समर्पित इस आयोजन में सतरंगी परिवार के सदस्यों ने मुकेश और उनके दौर के सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर संगीत प्रेमियों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में गीत-संगीत के माध्यम से मुकेश कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके अमूल्य योगदान को याद किया गया।

कार्यक्रम के संयोजक मुकेश माधवानी ने कहा कि महान संगीतकार मुकेश केवल एक गायक नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी आवाज आज भी करोड़ों श्रोताओं के दिलों में जीवित है। उन्होंने बताया कि सतरंगी परिवार समय-समय पर ऐसे सांगीतिक आयोजनों के माध्यम से महान कलाकारों को याद करता है और संगीत प्रेमियों को एक मंच प्रदान करता है।

कार्यक्रम में सतरंगी परिवार के सदस्यों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। शालिनी भटनागर ने “एक प्यार का नगमा है”, तारिका भानुप्रताप ने “जो तुमको हो पसंद”, भानुप्रताप सिंह ने “मैंने तेरे लिए ही सात रंग के सपने चुने”, पूनम अग्रवाल ने “वो कहते हैं हमसे” तथा राजेंद्र अग्रवाल ने “कहीं दूर जब दिन ढल जाए” प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।

इसी क्रम में राकेश मोगरा ने “ दुनिया बनाने वाले ”, भावना ने “श्री रामचंद्र कृपालु भज मन” भजन, पुनीत सक्सेना ने “कई बार यूँ ही देखा है”, रश्मि गुप्ता ने “एक दिन बिक जाएगा” तथा निधि सक्सेना ने “मेरा प्यार भी तू है, ये बहार भी तू है” प्रस्तुत किया।

आशीष छाबड़ा ने “जिस गली में तेरा घर”, संजय गुप्ता ने “जाने कहाँ गए वो दिन”, अर्चना जैन ने “सारंगा तेरी याद में”, आलोक जैन ने “मैं पल दो पल का शायर हूँ” तथा डॉ. अंजू गिरी ने “धीरे-धीरे बोल कोई सुन ना ले” गीत सुनाकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

वहीं राजेश कसेरा ने “जुबा पर दर्द “ , दीपल सिंह ने “किसी राह में किसी मोड़ पर”, संजय गिरी ने “खुशी की वो रात आ गई”, सी. पी. शर्मा ने “कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे”, महेश मेनारिया ने “सो गया ये जहाँ”, संजय बोबरा ने “ले चल मेरे जीवन साथी”, गिरीश मनवानी ने “वो तेरे प्यार का ग़म”, नेहा मनवानी ने “चाँद सी महबूबा हो मेरी”, प्रवीण देवपुरा ने “कभी-कभी मेरे दिल में”, मुकेश माधवानी ने “जीना यहाँ, मरना यहाँ” तथा प्रिया छाबड़ा ने “दिल तड़प-तड़प के कह रहा है” प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

इसके अलावा माला माधवानी, प्रीति शर्मा, मंजू, तेजिंदर कौर, मधु बोबरा और ने भी अपनी खूबसूरत प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में सुरों के रंग बिखेरे और सभी मेंबर्स ने ख़ूब सराहना बटोरी।

कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं ने सदस्यों का तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया। पूरे आयोजन में संगीत, स्मृतियों और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। अंत में माला माधवानी ने सभी सदस्यों एवं उपस्थित संगीत प्रेमियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

By Udaipurviews

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