जलियांवाला बाग से भी भीषण था नीमडा का नरसंहार
1200 वनवासी शहीद हुए ( बलिदान दिवस 7 मार्च पर विशेष ) राजस्थान मे गोविन्द गुरु ने धार्मिक कार्यकमो के माध्यम से जनजाति वर्ग को जागृत करने का सफल अभियान चलाया । उनके प्रयास से भील, मीणा तथा गरासिया जैसी वनवासी जातियां सामाजिक रूप से जागरूक हुई। उनके बाद इस चिन्गारी को मोतीलाल तेजावत व विजय सिंह पथिक जैसे आंदोलनकारियों ने ज्वाला बना दिया। उदयपुर जिले की झाडोल तहसील के कोल्यारी गाव मे जन्मे मोतीलाल तेजावत झाडोल ठिकाने के कामदार थे। उन्होनें वनवासियो पर हो रहे अत्याचारों को निकट से देखा। जमीदारों द्वारा इनकी पकी फसल को कटवा लेना, बेगार…
