मीरा स्त्री चेतना व ईश्वरीय प्रेम की प्रतिमूर्ति – प्रो. सारंगदेवोत
उदयपुर 17 जून / जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय के संस्थापक मनीषी पंडित जनार्दनराय नागर की 112वीं जयंती पर आयोजित सात दिवसीस समारेाह के तहत शनिवार को मीरा अध्ययन एवं शोध संस्थान की ओर से कुलपति सचिवालय के सभागार में मीरा के काव्य में स्त्री चेतना विषयक आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी के मुख्य वक्ता पूर्व प्राचार्य प्रो. मंजू चतुर्वेदी ने कहा कि मीरा 500 वर्षो के बाद भी प्रासंगिक है मीरा को लोक ने जिवित रखा, उनका दर्द लोक से जुड़ गया। मीरा के पास शब्दों की ताकत थी। मीरा त्याग एवं समर्पण की देवी है।…
