उदयपुर। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन हिंदुस्तान कला एवं संगीत सोसायटी ने हनोई सांस्कृतिक केंद्र में भारत संस्कृति यात्रा के 555वें संगीत समारोह का आयोजन किया। जिसमें उदयपुर के सुर संगम संसथा की बालिकओं ने वहां अपनी नृत्य कला का प्रदर्यान किया। इस कार्यक्रम में भारतीय राजदूत संदीप आर्य, मिशन की उप-प्रमुख सुश्री टी. अजंगला जमीर और एसवीसीसी की निदेशक डॉ. मोनिका शर्मा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई और भारत-वियतनाम संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भूमिका पर ज़ोर दिया।
सुर संगम की रेणु गोरेर ने बताया कि इस संध्या की शुरुआत सुर संगम नृत्य अकादमी के मनमोहक प्रदर्शन से हुई, जिसने जीवंत ऊर्जा और भव्यता से मंच को सुसज्जित कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने भारतीय शास्त्रीय परंपराओं की समृद्धि को प्रदर्शित किया और दर्शकों से हार्दिक सराहना प्राप्त की। सुर संगम अकादमी की छात्राओं नंदिनी त्रिवेदी और कामाक्षी मीना ने क्रमशः शास्त्रीय कथक वरिष्ठ और कनिष्ठ वर्गों में प्रथम स्थान प्राप्त किया और अपनी गुरु श्रीमती रेणु गोरेर के साथ एक सुंदर ठुमरी भी प्रस्तुत की।
अन्य उल्लेखनीय विजेताओं में लोक नृत्य जूनियर में द्वितीय स्थन पर काव्या चौहान, सेमी-क्लासिकल – ओपन में द्वितीय रही सीमा पाल, और सेमी-क्लासिकल – जूनियर में द्वितीय रही ध्रुति विश्वकर्मा शामिल थीं, जो भारतीय शास्त्रीय और लोक कलाओं में उभरती प्रतिभाओं को पोषित करने के लिए महोत्सव की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उदयपुर के सुर संगम संस्था की बालिकओं ने वियतनाम के हनोई में किया प्रदर्शन,जीते पुरूस्कार
