उदयपुर। मेवाड़-वागड़ क्षेत्र में हाई कोर्ट बेंच स्थापना की मांग को लेकर गुरुवार को अधिवक्ताओं द्वारा न्यायालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। आंदोलन के दौरान अधिवक्ताओं ने राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया के बयान पर गहरा रोष व्यक्त किया।
बार एसोसिएशन उदयपुर के अध्यक्ष जितेंद्र जैन ने बताया कि बुधवार को यहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से कलेक्ट्री परिसर में हाई कोर्ट बेंच स्थापना को लेकर मुलाकात की गई थी। इस दौरान राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया द्वारा यह कहा गया कि हाई कोर्ट बेंच के लिए पंजाब वालों से मिलो, जिस पर अधिवक्ताओं एवं मेवाड़ की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। जिसकी बार एसोसिएशन उदयपुर के समस्त अधिवक्ता निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित करते हैं। बार एसोसिएशन उदयपुर के महासचिव लोकेश गुर्जर ने कहा कि चुन्नीलाल गरासिया राजस्थान से राज्यसभा सांसद हैं और मेवाड़-वागड़ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में हाई कोर्ट बेंच जैसे महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे पर इस प्रकार का बयान देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं शर्मनाक है। धरने में उपस्थित अधिवक्ताओं ने मांग की कि जिस प्रकार सार्वजनिक रूप से यह बयान दिया गया है, उसी प्रकार राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया को सार्वजनिक रूप से मेवाड़ की जनता से माफी मांगनी चाहिए। अधिवक्ताओं ने सरकार से उदयपुर में शीघ्र हाई कोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन उदयपुर के अध्यक्ष जितेंद्र जैन, उपाध्यक्ष महेन्द्र मेनारिया, महासचिव लोकेश गुर्जर, सचिव आशीष कुमार कोठारी, वित्त सचिव धर्मेंद्र सोनी, सहवृत्त सदस्य भानु भटनागर, अरुणपाल सिंह चुंडावत, मोहम्मद हनीफ, दिनेश चंद्र मेघवाल, कांता नागदा, पूर्व अध्यक्ष रामकृपा शर्मा, मनीष शर्मा, राकेश मोगरा, पूर्व महासचिव हर्षवर्धन जैन, चक्रवर्ती सिंह राव, भूपेन्द्र सिंह चुंडावत, महावीर प्रसाद शर्मा, पूर्व उपाध्यक्ष बंशीलाल गवारिया, योगेंद्र दशोरा, निमेष भट्ट, वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येन्द्र पाल सिंह छाबड़ा, घनश्याम सिंह चौहान, सुखराम डीडल, ओमप्रकाश टेलर, निर्भय सिंह, निर्मल कुमार पंडित, ओमप्रकाश प्रजापत, सैय्यद हुसैन बंटी, राजेन्द्र जैन, चारूलता चतुर्वेदी, कलावती पंचाल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
अधिवक्ताओं ने राज्यसभा सांसद गरासिया के बयान पर जताया रोष, किया निंदा प्रस्ताव पारित
