कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीश महोदया ने बच्चों को सरल भाषा में समझाया कि पॉक्सो एक्ट उनकी सुरक्षा के लिए बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बच्चों के साथ गलत व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है।
अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को “अच्छा स्पर्श और बुरा स्पर्श” के बारे में भी जागरूक किया और बताया कि किसी भी असहज स्थिति में तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को बताना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि डरने या चुप रहने के बजाय आवाज उठाना सबसे जरूरी है।
न्यायाधीश ने शिक्षकों और अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों के साथ खुलकर संवाद करें और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करें। उन्होंने यह विश्वास दिलाया कि न्यायपालिका ऐसे मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाएं भी दूर कीं। विद्यालय प्रशासन ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उक्त विषय पर प्रश्न उत्तर सत्र के दौरान सक्रिय भाग लेने वाले विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
उक्त जागरूकता अभियान कार्यक्रम के अंत में डॉ नरूका ने मुख्य अतिथि को धन्यवाद स्वरूप स्मृति चिन्ह भेंट किया।
बीएन पब्लिक स्कूल में बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम के माध्यम से दिया जागरूकता संदेश
उदयपुर। भूपाल नोबल्स पब्लिक स्कूल में शुक्रवार दिनांक 10/04/2026 को विद्यार्थियों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भ्रष्टाचार न्यायालय में विशेष न्यायाधीश संदीप कौर ने POCSO Act (पॉक्सो एक्ट) के विषय में विस्तार से जानकारी दी। प्राचार्या डॉ सीमा नरूका ने उक्त अभियान के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक किया।
