उदयपुर। कायाकल्प सेवा संस्थान नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, उदयपुर द्वारा गुरुवार को अपने तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक भव्य वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नशा मुक्ति के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की उपलब्धियों को साझा करते हुए भविष्य में इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वे युवा रहे, जिन्होंने संस्थान की सहायता से नशे की लत को छोड़कर एक नई और सकारात्मक जिंदगी की शुरुआत की। इन युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सही मार्गदर्शन, उपचार और काउंसलिंग से जीवन में बड़ा बदलाव संभव है। उनकी प्रेरणादायक कहानियों ने उपस्थित लोगों को भावुक भी किया और जागरूक भी।
संस्थान के अध्यक्ष मनोज जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि नशामुक्ति केवल एक सेवा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में संस्थान ने डेढ़ हजार से अधिक लोगों को नशे से मुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है, जो सभी के सहयोग से संभव हो पाया है।
कार्यक्रम में संस्थान की कार्यप्रणाली, उपचार पद्धति और जागरूकता अभियानों की जानकारी भी दी गई। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं काउंसलर्स की टीम द्वारा आयुर्वेदिक उपचार, थैरेपी और मानसिक परामर्श के माध्यम से मरीजों का समग्र पुनर्वास किया जाता है। इस अवसर पर संस्थान की टीम, समाजसेवी, परिजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर नशा मुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और अधिक से अधिक युवाओं को इस मुहिम से जोड़ने का संकल्प लिया। संस्थान में एमबीबीएस डॉ. सुरेश डांगी तथा बीएएमएस डॉ पुष्कर जोशी के साथ काउंसलर टीम अपनी सेवाएं दे रही हैं।
कायाकल्प सेवा संस्थान ने डेढ हजार लोगों को किया नशा मुक्त, वार्षिक कार्यक्रम में अभियान को और तेज करने का संकल्प
