इंदिरा IVF फ्रॉड केस में दो गिरफ्तार

30 करोड़ की धोखाधड़ी की जांच तेज, विक्रम भट्ट पर लगे आरोपों की गहराई से पड़ताल
उदयपुर, 18 नवंबर : इंदिरा IVF एवं इंदिरा एंटरटेनमेंट के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया द्वारा दर्ज कराए गए 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है। एफआईआर में बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को मुख्य आरोपी बनाया गया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि वास्तव में इन दोनों की भूमिका कितनी है। क्या आरोप उन पर सिद्ध होंगे या यह पूरा खेल कुछ छोटे वेंडरों के इर्द-गिर्द ही घूमता रह जाएगा?

अभी तक की जांच में कई बड़े झोल और गहरी आर्थिक अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके चलते यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या भविष्य में आयकर विभाग भी इस मामले की जांच में शामिल होगा। मामले में उदयपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुंबई से दो आरोपियों को-प्रोड्यूसर मेहबूब अंसार निवासी मीरा रोड ठाणे, और संदीप त्रिभोवन नाम के एक वेंडर को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में धोखाधड़ी के कई पुख्ता संकेत मिले हैं। बिल क्लियर कराने की प्रक्रिया में मेहबूब अंसारी, श्वेतांबरी भट्ट और उदयपुर निवासी दिनेश कटारिया मुख्य भूमिका निभाते थे। वेंडरों द्वारा प्रस्तुत किए गए बिल इन्हीं तीनों के वेरीफिकेशन के बाद इंदिरा एंटरटेनमेंट के अकाउंट से भुगतान किए जाते थे। जांच में सामने आया कि वेंडर संदीप त्रिभोवन की वास्तविक सैलरी केवल 60 हजार रुपये थी, लेकिन कंपनी के नाम पर उसके लिए दो लाख रुपये प्रति माह का भुगतान दिखाया जाता था। इसी खाते से वह हर महीने लगभग 1.40 लाख रुपये श्वेतांबरी भट्ट के खाते में ट्रांसफर करता था। आरोप यह भी है कि ऑटो चालक, पेंटर तथा छोटे सप्लायर को भी फर्जी वेंडर बनाकर लाखों–करोड़ों रुपये के बिल क्लेम किए गए।

फिल्म उद्योग से जुड़े बड़े नाम, बड़ी रकम और संदिग्ध लेन-देन—इन सबने अब यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आयकर विभाग भी इस मामले में हस्तक्षेप करेगा? फिलहाल मुख्य आरोपी विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट पर पुलिस की नजर है और आगे की पूछताछ में कई और खुलासे होने की संभावना है।

By Udaipurviews

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