जिओयूथ-2025 भू-विज्ञान विभाग का त्रिदिवसीय सेमिनार का समापन

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

चट्टानों की उत्पत्ति आयु और खनिज संरचना के महत्व को छात्रों के बीच सांझा किया
उदयपुर। संपूर्ण भारत के 20 विश्वविद्यालय के 70 विद्यार्थियों के साथ विभागाध्यक्ष डॉ. रितेश पुरोहित, प्रो. एन के चौहान, प्रो के सी तिवारी, प्रो. के के शर्मा, डॉ हरीश कपास्या एवं डॉ माया चौधरी ने अरावली पर्वत श्रंखला की 330 करोड़ साल से लेकर 140 करोड़ साल की चट्टानों से अवगत करवाया साथ ही चट्टानों में मिलने वाली संरचनाओं एवं खनिज तत्वों की महत्वता बतायी | उदयपुर शहर के निकट अंबेरी में मिलने वाली ब्लैक शैल चट्टानों के खनिजों का महत्व एवं उत्पत्ति और उसके पश्चात आहड़ रिवर ग्रेनाइट और उससे जुड़ी हुई ज्वालामुखी चट्टानों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी इसके पश्चात गोगुंदा क्षेत्र में दिल्ली महासंघ की मिलने वाली गोगुंदा संघ की चट्टानों के बारे में बताया विशेष रूप से इन सभी चट्टानों की उत्पत्ति आयु और खनिज संरचना के महत्व को छात्रों के बीच सांझा किया | इस त्रिदिवसीय सेमिनार का समापन समारोह फील्ड में ही गोगुंदा में किया गया |
संयोजक डॉक्टर हरीश कपास्या ने बताया कि विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया। जिसमें अंतर विश्वविद्यालय क्विज कॉम्पीटिशन में सुखाड़िया विश्वविद्यालय एवं कच्छ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया | पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर और सेंट वेल्फ्रेड कॉलेज, जयपुर के विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया | पोस्टर प्रेजेंटेशन के लिए गांधीनगर के आई एस आर और अलीगढ़ के एएमयू के विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया, ओरल प्रेजेंटेशन के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय एवं फ़र्गसन कॉलेज पुणे, बी बी आर एम विश्वविद्यालय, एम जी साइंस कॉलेज अहमदाबाद, गवर्नमेंट कॉलेज बीकानेर, सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर और कच्छ विश्वविद्यालय, गुजरात के विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया |

By Udaipurviews

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