संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के. पवन ने लक्ष्मणगढ़ झरी स्कूल का किया निरीक्षण

विद्यार्थियों से संवाद कर सुनहरे भविष्य के लिए दिया मार्गदर्शन
बच्चों को हलुआ-पूड़ी परोसकर कृष्ण भोग का शुभारंभ, स्टेशनरी वितरण व पौधारोपण किया
ग्रामीण विद्यालयों के विकास में भामाशाहों से किया आगे आने का आह्वान
बांसवाड़ा, 03 अगस्त/संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के. पवन ने शनिवार को शहर के समीप लक्ष्मणगढ़ झरी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया और शिक्षण सहित विभिन्न विद्यालयी प्रबन्धों और गतिविधियों की जानकारी ली तथा प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया।
विद्यार्थियों से किया संवाद, दिए टिप्स- संभागीय आयुक्त ने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं के बच्चों से सीधे संवाद करते हुए उनके मन की कल्पनाओं, भविष्य के सपनों, घर-परिवार की स्थिति, स्कूली व्यवस्थाओं, आवश्यकताओं, खेलकूद आदि के बारे में बातचीत की और सुनहरे भविष्य को पाने के लिए टिप्स दिए। उन्होंने बच्चों से विभिन्न प्रश्न पूछे। इनमें सूचना के अधिकार सहित ग्रामीण विकास गतिविधियों के साथ ही सामान्य ज्ञान एवं परिवेश आदि के बारे में पूछा। विद्यार्थियों द्वारा सहजतापूर्वक सभी प्रश्नों के संतोषजनक जवाब दिए जाने पर संभागीय आयुक्त ने प्रशंसा की।
*हलवा-पूड़ी खिलाकर कृष्ण भोग का शुभारंभ-संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के. पवन ने स्कूल में भामाशाह प्रेरणा उपाध्याय की ओर से आयोजित ‘कृष्ण भोग’ का शुभारंभ विद्यार्थियों को हलवा-पूड़ी खिला कर किया। इसके साथ ही सभी विद्यार्थियों को स्टेशनरी की सामग्री भी बांटी गई। सरकारी स्कूल में इस तरह के आयोजन को संभागीय आयुक्त ने भी सराहा और जिले के भामाशाहों से भी आह्वान किया कि वे भी आगे आकर गांवों में रहने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करें।
शिक्षकीय दायित्व महत्त्वपूर्ण-संभागीय आयुक्त ने इस दौरान उप प्रधानाचार्य कीर्ति श्रीमाल, प्रीति जैन, मनीषा मुखाती, दीप्तेश पुरोहित, बरकतुल्लाह खान, जया निनामा, राजश्री, राजकिशोर वर्मा, हिमांशु आचार्य आदि शिक्षक-शिक्षिकाओं से स्कूल में नामांकन सहित अन्य व्यवस्थाओं और विद्यालय की उपलब्धियों एवं गतिविधियों पर चर्चा की और शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सामाजिक एवं राष्ट्रीय सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रचनात्मक गतिविधियों में सहभागिता निभाने आदि पर महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक नवनिर्माण और देश के विकास में शिक्षकीय दायित्व महत्त्वपूर्ण हैं।
By Udaipurviews

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