उदयपुर 9 मई। राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड उदयपुर के 53 वा उदय रोवर ओपन क्रू भुवाणा स्थानीय संघ बडगांव एवं व्यापार मण्डल भुवाणा के संयुक्त तत्वावधान में भुवाणा चौराहे से प्रताप नगर की ओर जाने वाले मार्ग पर ग्रीष्मकालीन स्काउट गाइड जलसेवा प्याउ का शुभारंभ सी.ओ.स्काउट सुरेन्द्र कुमार पाण्डे व अन्य गण्मान्यजनों की उपस्थिति में हुआ।
सीओ स्काउट ने बताया कि राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड द्वारा सेवा प्रकल्प के तहत जलसेवा प्याउ और मूक पक्षियों के लिऐ चुग्गा पात्र और परिण्डा अभियान को 25 जून तक चलाया जायेगा। उदय ओपन रोवर क्रू भुवाणा के रोवर लीडर सुरेश कुमार प्रजापत ने बताया कि प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी ग्रीष्मकाल में जलसेवा प्याउ के संचालन व्यवस्थाओं में व्यापार मण्डल भुवाणा, स्थानीय भामाशाहों, ग्राम पंचायत आदि का सहयोग रहा है।
वन्यजीव गणना 2024 के संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
वाटरहॉल पद्वति से आकलन के तकनीकी पहलुओं के साथ दी महत्वपूर्ण जानकारी
उदयपुर, 9 मई। वन्यजीव गणना 2024 के संबंध में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को चेटक सर्कल, स्थित वन भवन कॉन्फ्रेंस हॉल में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य वन संरक्षक एस.आर.वी. मूर्थी ने सभी अधिकारियों को वाटरहॉल पद्वति से वन्य जीव संख्या आकलन हेतु मचान निर्माण, पानी स्थानों का पूर्व में सर्वेक्षण, आंकलनकर्ताओं को पर्याप्त मात्रा में खाना एवं पीने के पानी की व्यवस्था एवं शांति बनाये रखने के निर्देश दिए और विभागीय प्रपत्रों को गणना उपरान्त समय पर देने की जानकारी दी। एनटीसीए सदस्य राहुल भटनागर ने वन क्षेत्रों में मांसाहारी वन्यजीव, बघेरा, सियार, जरख, जंगली बिल्ली, भालू, भेड़िया, लोमड़ी, आदि की वाटरहॉल पद्वति से आंकलन करने की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि जहां विभिन्न प्रजाति के वन्यजीवों के आने की संभावना हो वहां पर ट्रेप कैमरा लगाया जाए। पर्यावरणविद् और वन्यजीव विशेषज्ञ सतीश शर्मा ने मासांहारी, शाकाहारी, पक्षी, रेपटाईल्स की प्रजातियों के बारे में चित्रों के माध्यम से वन्यजीवों की बनावट, व्यवहार व उनके प्राकृतिक आवास के बारें में बताया। वन्यजीवों की पहचान के लिए सभी अधिकारियों को बुकलेट उपलब्ध करायी गयी।
उप वन संरक्षक देवेन्द्र कुमार तिवारी ने वन्यजीवों की संख्या आकलन वर्ष 2024 के संबंध में भाग ले रहे अधिकारियों को प्रधान मुख्य वन सरंक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के निर्देशों एवं प्रपत्रों के बारें में बताया। प्रादेशिक मुख्य वन संरक्षक सुनील ने वन्यजीवों की संख्या आंदोलन के समय आपस में बातचीत नहीं करने तथा वन्यजीवों से संबंधी क्विज द्वारा अधिकारियों को राजस्थान के वन्यजीव अभयारण्य में पाये जाने वाले वन्यजीवों की जानकारी दी।
