प्रतापगढ़  : दिव्य सुंदरकांड पाठ भक्त देर रात तक झुमे

पंचमुखी बालाजी मंदिर पर श्री श्री बाल ब्रह्मचारी बाल संत ने श्रृद्धालुओं को दिया आर्शिवाद
हाथ में बालाजी ने चमत्कार स्वरूप गुरूदेव को दी फुल की माला

प्रतापगढ़ एक मई। हनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में पंचमुखी बालाजी मंदिर राती घाटी टांडा में समस्त वानर सेना, पंचमुखी बालाजी भक्त मंडल, ग्रामवासियों व अन्य श्रृद्धालुओं के सहयोग से मंगलवार रात्रि को दिव्य सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या कार्यक्रम का आयोजन भव्य डीजे डेकोरेशन के साथ किया गया।

गांव के दशरथ लबाना ने बताया कि सुंदरकांड पाठ के दौरान श्री सिद्ध पीठ धाम मोखमपुरा- घोटारसी के परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री बाल ब्रह्मचारी बाल संत ने श्री पंचमुखी बालाली महाराज के दर्शन कर फुल की माला चढ़ाई। दर्शन के उपरान्त भक्तों ने गुरूदेव जी का आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया। गुरूदेव जी नेे श्रृद्धालुआंे को आर्शिवाद दिया। उन्होंने मन की शांति के लिए भजनों को सुनना व गाना चाहिए के बारे में कहा। उन्होंने हनुमान चालिसा का पाठ करते हुए मुझे राम चाहिए मुझे दाम चाहिए, तेरे नाम जिवेगा तेरे नाम मरेगा, शाम तेरी सुरत पर दिल दिवाना हो गया सहित विभिन्न भजनों की शानदार प्रस्तुतियां दी। इस दौरान श्रृद्धालु देर रात तक झुमते नजर आए। गुरूदेव बाद में बालाजी महाराज के दर्शन के उपरान्त बालाजी महाराज सेे आर्शिवाद लिया बालाजी महाराज ने आर्शिवाद स्वरूप गुरूजी को चमत्कार दिखाकर माला हाथ में भेंट की।

दिव्य सुंदर काण्ड पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम में सिंगर रवि राज दलौदा एमपी व सिंगर हेमंत सोनी द्वारा दिव्य पाठ का वाचन किया गया जिसमें दिव्य सुंदर काण्ड पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम का प्रारंभ गणेश जी की वंदना के साथ प्रस्तुतियां दी गई। उन्होंने मंगल भवन अमंगल हारी, लोग कहते राम का दीवाना, छम छम नाचे वीर हनुमाना, कीर्तन की आश है बालाजी धारे आणो है, वीर हनुमाना अति बलवाना, छवि तेरी मन में बसी प्रभु, सलाशर धारो देवरो, डाली पे डाली पे कान्हा झुले कन्हैयो लाल, दुनिया में देव हजारो में पंचमुखी बालाजी का क्या कहना, बजा दीया डंका लंका सहित विभिन्न भजनों की प्रस्तुतियां दी।
दिव्य सुंदरकांड पाठ के आयोजन को लेकर श्रृद्धालु देर रात तक झुमे। सुंदरकांड पाठ के उपरान्त श्री बालाजी महाराज की आरती व प्रसादी वितरण के साथ समापन हुई। इस दौरान श्रृद्धालुओं का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से आयोजन को लेकर सराहनीय योगदान रहा। यह दिव्य आयोजन पहली बार राती घाटी श्री पंचमुखी बालाजी महाराज के आर्शिवाद से विशाल स्तर पर सम्पन्न हुआ। सुंदरकाण्ड पाठ के दौरान हजारो की संख्या में दुधली टाण्डा, मानपुरा, करमदीखेड़ा, सिद्धपुरा सहित आस-पास के श्रृद्धालु पहुंचे। आयोजन को लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं में राजु उस्ताद, भरत कुमार, मनिष, अर्पित, प्रहलाद, बलडदल, राजु, भंवर बठ्ठा, अमित, मथुरालाल, रतन, गोविन्द, रणजीत, मनोज, मिलन, पिकेंश, शिवनारायण, मिलन, दिनेश, हरिओम सहित बड़ी संख्या वानर सेना व ग्राम वासियों का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सराहनीय सहयोग रहा।

By Udaipurviews

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