बताया उनकी गाड़ी के ठीक 500 मीटर दूरी पर हुआ भूस्खलन
राजेश वर्मा
उदयपुर 22 फरवरी : जम्मू—कश्मीर के बर्फीले तूफान और भूस्खलन में उदयपुर के 74 स्टूडेंट फंसे हुए हैं। ये सभी मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज के स्टूडेंट हैं, जिनके साथ सात कर्मचारी भी हैं। ये सभी कश्मीर की यात्रा पर निकले हुए थे और जम्मू—कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने के चलते तीन दिनों से काजीगुंड में फंसे हुए हैं। इन स्टूडेंट्स में एक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर राहत पहुंचाने का आग्रह किया है।
हालांकि सेना की मदद से सभी विद्यार्थी और स्टाफकर्मियों को सुरक्षित जगह पहुंचा दिया गया है। विद्यार्थियों को लीड कर रहे प्रोफेसर कल्पेश निमावत ने बताया कि स्टाफ एवं बच्चों के साथ जम्मू कश्मीर की यात्रा पर निकले थे। बनिहाल पार करने के बाद उनकी गाड़ी के ठीक पांच सौ मीटर पहले भूस्खलन हुआ। जिसे देखकर हम सभी डर गए। सेना के राहत के बारे में अब तक सुना ही था लेकिन अब देख भी लिया। आर्मी की वजह से वह सभी सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचे बल्कि सभी को भोजन और पानी की व्यवस्था भी मिल पाई। बताया गया कि सुखाड़िया विश्वविद्यालय की स्नेहा सिंह ने ट्वीटर पर पीएम को टैग कर मदद मांगी थी। अब सभी वह जम्मू पहुंच चुके हैं।
उदयपुर के 74 स्टूडेंट जम्मू—कश्मीर के तूफान में फंसे
