उदयपुर। जैनाचार्य श्री देवेन्द्र मुनि शिक्षण एवं चिकित्सा शोध संस्थान ट्रस्ट उदयपुर के तत्वावधान में देशभर के सभी गुरू परिवारों द्वारा आयोजित किये जा रहे उपाध्याय पुष्कर मुनि म.सा.का संयम शताब्दी शिखर समारोह एवं पुष्पवती जी म.सा का 6 दिवसीय जन्म शताब्दी समारोह के तहत आज श्री तारक जैन गुरू ग्रन्थालय में लोगस्स थ्ज्ञैरेपी कार्यक्रम का अयेाजन किया गया।
ग्रन्थालय के मंत्री रमेश खेाखावत ने बताया कि उपाध्याय श्रीजी के सद्गुणों के आधार पर गुरू पुष्कर के जीवन पर स्तुतिगान करते हुए 25 वंदना की गई, साथ ही 24 तीर्थंकरांे की उर्जामय स्तुति लोगस्स के साथ 7 चक्रों पर 7 गाथाओं के द्वारा चक्र थैरेपी दी गई। मुनियों ने कहा कि हमारंे प्राणमय शरीर में उर्जा के संचालक 7 चक्र होने से उनके असंतुलित होने पर हमारे शरीर में कई रोग होते है, यदि उन्हें संतुलित किया जाय,तो हम निरोगी हो सकते है। इसी प्रक्रिया को चक्रो के बीजाक्षर मंत्रो के साथ लोगस थैरेपी की गई।
समारोह में महाश्रमण जिनेन्द्र मुनि,श्रमण संघीय सलाहकार दिनेश मुनि, डाॅ. दीपेन्द्र मुनि, डाॅ. पुष्पेन्द्र मुनि, सरलमना प्रियदर्शनाश्री,किरणप्रभाश्री की पावन निश्रा में रतनज्योति एवं विचक्षणाश्री म.सा. ने सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं को लोगस थैरेपी दी। इस अवसर पर गणेशलाल गोखरू,विजयंिसंह छाजेड़,मानसिंह रंाका, प्रकाश झागड़ावत सहित अनेक श्रावक व पदाधिकारी मौजूद थे।
सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं को दी लोगस्स थैरेपी
