बांसवाड़ा : 2 दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन का आगाज

-शिक्षक प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की आवश्यकता
-गैर शिक्षण कार्यों से मुक्ति दिलाने, वेतन विसंगति पर मंथन
-सरकारी स्कूलों में मरम्मत और रंग रोगन का बजट दिए 29 वर्ष हो गए
बांसवाड़ा । राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम  का दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन उद्योगिक नगरी कोटा में गैर शिक्षण कार्यों से मुक्ति दिलाने, वेतन विसंगति पर मंथन के साथ आज प्रारम्भ हुआ । सम्मेलन के प्रारम्भ में कर्मचारी नेता सियाराम शर्मा ने डबल इंजिन सरकार का स्वागत करते हुए “*हमे पढ़ाने दो – राजस्थान को आगे बढ़ाने दो*” कार्यक्रम का आगाज़ करते हुए कहा कि सरकारी स्कूल विभिन्न योजनाओं का संचालन का केंद्र बिन्दु बनता जा रहा है और मूल शिक्षण कार्य दूर होता जा रहा है जोकि चिंता और चिंतन का विषय है ।
दो लाख विभिन्न विषयों के पद सृजित करने की आवश्यकता- शर्मा ने कहा कि सरकारी स्कूलों में विभिन्न विषयों के रिक्त पदों की भरमार है लगभग दो लाख विभिन्न विषयों के तृतीय श्रेणी शिक्षक,वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याता के पद या तो रिक्त है याफिर नव क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सृजित किए जाने वाले है।
शिक्षा का सार्वजनिकरण, संसाधन का अभाव-गांव गांव में शिक्षा का सार्वजनिकरण तो कर दिया गया है किन्तु संसाधन का अभाव है। किसी स्कूल में कमरे है तो शौचालय मूत्रालय नहीं है कही श्याम पट्ट तो भवन ही जर्जर है सरकारी स्कूलों में मरम्मत और रंग रोगन का बजट दिए 29 वर्ष हो गए हैं .
कुक कम हेल्पर अल्प मानदेय 2003 रु में कार्यरत-  आज भी राउमावि में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद सृजित नही है या रिक्त है कुक कम हेल्पर अल्प मानदेय 2003 रु प्रतिमाह में कार्य कर रहे हैं ।
 कुक कम हेल्पर को ही स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद पर स्थाई किया जा कर सफाई व्यवस्था सुधारी जा सकती है।और इन्हे वेतन श्रृंखला का न्यूनतम वेतनमान दिया जाना चाहिए।
चार साल से अधिक समय से रुकी पदोन्नतियां-स्कूलों में विभिन्न वेतनमान में तृतीय श्रेणी शिक्षक से लेकर  जिला शिक्षा अधिकारी के पदों की पदोन्नतियां कोर्ट निर्णय अधीन चार साल से रुकी पड़ी है किन्तु बुनियादी ढांचे को सुधारने हेतु रोक होने के बावजूद अस्थाई तौर पर पातेय वेतन पर कोर्ट निर्णय अधीन पदोन्नतियां दी जा सकती है इससे तृतीय श्रेणी शिक्षक के नई भर्ती होने से बेरोजगारी में कमी आयेगी।
वाइस प्रिंसिपल पद्दोन्नति तो दे दी किन्तु पदस्थापन आदेश जारी नहीं किए- स्कूलो में वाइस प्रिंसिपल का पदस्थापन नहीं होने से पूर्व व्याख्याता के प्रमोशन पदस्थापन आदेश जारी नहीं किए जाने से कई विसंगतियां उत्पन्न हो गई है और कई माह गुजर जाने के बाद भी समाधान नहीं हुआ है।
डबल इंजिन सरकार से शिक्षकों की बड़ी उम्मीदें कायम-प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा ने डबल इंजिन सरकार से शिक्षकों की बड़ी उम्मीदें कायम है और आठवें वेतन आयोग गठित करने,पूर्व के वेतनमान की विसंगतियों को दूर करने, दिव्याँग कर्मचारियों को केंद्र अनुरूप वाहन भत्ता 3600रु प्रतिमाह किए जाने,पदोन्नति में आरक्षण का लाभ केंद्र अनुरूप 2016से दिए जाने सहित रिक्त पदों को स्थाई रूप से भरने की मांग करते हुए विभिन्न बिंदुओं पर त्वरित न्याय की जरूरत जताई।
67 गैर शैक्षणिक कार्यो से मुक्ति आवश्यक ,शिक्षक ऑलराउंडर भूमिका में-मुख्य महामंत्री नवीन शर्मा ने सरकारी स्कूलों में नामांकन के अनुसार नए पद सृजित किए जाने की मुख्य जरूरत जताई और चिंता प्रकट की कि शिक्षक ऑलराउंडर भूमिका में है जनगणना,पशुगणना, बीएलओ ड्यूटी,चुनाव, सहित 67 प्रकार के विभिन्न योजनाओं पर काम करता है इन गैर जिम्मेदाराना शैक्षणिक कार्यो से मुक्ति आवश्यक है।
टीएसपी भत्ते की मांग,अलग से रिक्त पदों पर पदोन्नति और भर्ती हो-प्रदेश सभा अध्यक्ष ललित आर पाटीदार ने सभा को सम्बोधित करते हुए अधिकारियों को चेताया की बांसवाड़ा संभाग की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं होगी सभी नई भर्ती प्रक्रिया में पदस्थापन में टीएसपी क्षेत्र में स्कूलों में सैकड़ों पद खाली है और कौसिलिंग में पद ही नहीं खोले जाते तो भरेंगे केसे? यह भेदभाव समाप्त होना चाहिए।
शिक्षक प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की आवश्यकता-बांसवाड़ा सहित प्रदेश भर में शिक्षकों से बदसलूकी की कई घटनाएं हुई जिस पर शिक्षक प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की आवश्यकता जताई गई।
By Udaipurviews

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