एबीवीपी के छात्रों को दौड़ा—दौड़ाकर भगाया
उदयपुर। यहां मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में कुलपति को ज्ञापन देने पहुंचे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने छात्रों को दौड़ा—दौड़ाकर जमकर डंडे बरसाए। इस दौरान कई छात्र घायल भी हो गए। पुलिस ने कुलपति से अभद्रता करने तथा क्षेत्रीय शांति भंग करने के मामले में दस छात्रों को हिरासत में लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एबीवीपी के महानगर मंत्री मिलिंद पालीवाल के नेतृत्व में कई छात्र विभिन्न मांगों को लेकर कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा को ज्ञापन देने पहुंचे थे। उनके ज्ञापन नहीं लेने पर छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर हंगामा शुरू कर दिया। जिस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को बुलाया। पुलिस के आते ही कुलपति आॅफिस से रवाना होने लगी तो छात्र कुलपति की गाड़ी पर चढ़ गए तथा उनका घेराव कर दिया। इसी दौरान विश्वविद्यालय के एक कॉलेज में गोष्ठी का कार्यक्रम चल रहा था। हंगामे की सूचना पर वहां तैनत पुलिस जाब्ता भी वहां आ गया। सूचना पर पहुंचे प्रतापनगर थानाधिकरी हिमांशुसिंह राजावत ने पहले छात्रों को नियंत्रित करने की कोशिश की लेकिन हंगामा कर रहे छात्र नहीं माने और कुलपति से अभद्रता करने लगे। हंगामा कर रहे छात्रों ने थानाधिकारी से भी धक्का—मुक्की की तब पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए हुडदंग मचा रहे छात्रों पर डंडे बरसाना शुरू कर दिया। कुछ छात्रों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया।
इस मामले में एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री रविशंकर दमामी का कहना है कि एबीवीपी से जुड़े छात्र फीस कम करने, प्राइवेट कोर्स में पढ़ने वाले छात्रों से विमर्श शुल्क और पार्किंग डवलपेंट फीस हटाने आदि मांगों को लेकर कुलपति को ज्ञापन देने पहुंचे थे। उन्होंने ज्ञापन लेने से इंकार कर दिया, जबकि हमारी मांगें छात्र हित में थीं। इसके बावजूद पुलिस को बुलवाकर छात्रों पर लाठीचार्ज करवा दिया गया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए थे। बताया गया कि लाठीचार्ज के दौरान घायलों में छात्रनेता पुष्पपेंद्र सिंह राठौड़, युवराज सिंह कमेरी अैर रौनकराज सिंह भी शामिल हैं।
उदयपुर में छात्रों पर पुलिस ने बरसाए डंडे
