पुण्य कर्मों का उदय होता है तो समस्याओं का समाधान भी निकलताःसुकनमुनि

उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से सिन्धी बाजार स्थित पंचायती नोहरे में श्रमण संघीय प्रवर्तक सुकनमुनि महाराज ने धर्म सभा में कहा कि संसार में उसी प्राणी का कल्याण होता है जो नवकार महामंत्र और महावीर की वाणी को अपने जीवन में उतारता है। गुरुओं के सानिध्य में रहकर क्रोध मान माया लोभ और अहंकार को जीतने का प्रयास करता है। गुरु जो संदेश देते हैं उस पर अमल करता है।
सांसारिक जीवन में कई समस्याएं आती है। समस्याएं अपने कर्मों से आती हैं लेकिन जब जीवन में पुण्य कर्मों का उदय होता है तो समस्याओं का समाधान भी निश्चित रूप से हो जाता है। जीवन में पुण्य कर्मों का उदय करने के लिए मनुष्य को धर्म ध्यान और तप साधना का मार्ग अपनाना होगा। बिना धर्म ध्यान के न तो स्वयं का कल्याण हो सकता है और नहीं आत्मा का। अभी दीपावली का समय चल रहा है। रात दिन सभी मिलकर घर की साफ सफाई करने में जुटे हुए हैं, लेकिन जब तक मन की सफाई नहीं होगी आत्मा की सफाई नहीं होगी कल्याण होने वाला नहीं है।
डॉ.वरुण मुनि ने कहा कि अपनी आत्मा पर विजय प्राप्त करने के लिए सबसे पहले अपनी इंद्रियों पर विजय प्राप्त करना पड़ता है। इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने का मार्ग क्रोध मान माया लोभ कषाय इन पर विजय प्राप्त करना पड़ता है। आपके साथ कुछ नहीं जाएगा। सांसारिक प्राणी उन वस्तुओं के पीछे ही भागता है जो संसार से मुक्त होने के बाद यहीं पर छूटने वाली है। उनके साथ जाने वाली नहीं, साथ में जाएंेगे आपके पुण्य कर्म, आपका धर्म आपका तप आपकी साधना।
धर्मसभा में अखिलेश मुनि ने सुंदर गीतिका प्रस्तुत की। महामंत्री एडवोकेट रोशन लाल जैन ने बताया कि चातुर्मास काल से ही णमोकार महामंत्र की धर्म आराधना निरंतर जारी है। शनिवार को बाहर से आए अतिथियों का धर्म सभा में स्वागत अभिनंदन किया गया। धर्मसभा में मेवाड़ वागड़ क्षेत्र सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है।

By Udaipurviews

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