गणगौर घाट पर आयोजित हुआ स्नात्र पूजा महामहोत्सव
– कई साधु-साध्वी भगवंतों का मिला सान्निध्य
– भगवान के जयकारों से गूंज उठी झीलों की नगरी
उदयपुर, 24 सितम्बर। श्री जैन श्वेताम्बर महासभा की ओर से पर्युषण महापर्व के सामपन पर भगवान का वरघोड़ा एवं गणगौर घाट पर स्नात्र पूजन महोत्सव का आयोजन किया गया। महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि रविवार को महासभा की ओर से हाथीपोल धर्मशाला से भगवान का रजत पालकी में विराजित कर वरघोड़ा निकाला गया। उन्होनें बताया कि वरघोडे की भव्य शोभायात्रा हाथीपोल धर्मशाल से निकाली जो मालदास स्ट्रीट, बड़ा बाजार, घण्टाघर, जगदीश चौक होते हुए गणगौर घाट पहुंची। शोभायात्रा में सबसे आगे गजराज थे उसके पीछे पांच घोड़ों पर जैन ध्वज हाथ में लिए श्रावक चल रहे थे। उसके पीछे दो बैण्ड अपनी स्वर लहेरियां बिखेरते हुए चल रहा था। उसके बाद दो सुसज्ज्ति बग्गियंा चल रही थी, उनके बाद जैन निति नवयुवक मण्डल का बैण्ड जयघोष का उद्बोधन करते हुए चल रहे थे। उनके पीछे 2 ऊंट गाड़ी जिसमें जैन समाज की विभिन्न झांकियां सजी हुई थी। उसके बाद दो रजत पालगी में भगवान को विराजित कर श्रावक चल रहे थे। शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रावक-श्राविकाओं द्वारा गऊली बनाकर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। मार्ग में हजारों की संख्या में मौजूद श्रावक-श्राविकाएं भगवान के जयकारें लगाते हुए चल रहे थे। जैसे ही शोभायात्रा गणगौर घाट पहुंची वहां राष्ट्रसंत ललित प्रभ सागर, मुनि भगवंत निरागरत्न, साध्वी वैराग्यपूर्णा श्रीजी, साध्वी तत्वरताश्रीजी, साध्वी कल्पदर्शिता श्रीजी आदि ठाणा साधु-साध्वी भगवंत का आशीर्वचन प्राप्त हुआ। उसके बाद सभी ने स्नात्र पूजा की। स्नात्र पूजा के बाद वरघोड़ा विभिन्न मार्गों से होते हुए मालदास स्ट्रीट स्थित आराधना भवन पहुंचा जहां 3 हजार से अधिक समाजजनों का भव्य स्वामीवात्सलय का आयोजन हुआ। इस अवसर महासभा अध्यक्ष तेजसिंह बोल्या, उपाध्यक्ष भोपाल सिंह परमार, यशवंत जैन, भोपाल सिंह दलाल, राज लोढा, फतह सिंह नलवाया, अंकूर मुर्डिया, महेश कोठारी, नरेन्द्र चौधरी, अनूप पारीवाला, उदित शाह, राजेन्द्र कोठारी, शैलेन्द्र लोढ़ा सहित हजारों की संख्या में श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे।
हाथीपोल धर्मशाला से भगवान का निकला भव्य वरघोड़ा
