थाना सूरजपोलः-जिला पुलिस अधीक्षक,उदयपुर विकासशर्मा के निर्देशानुसार दिनांक 08.04.2023 को संजय शर्मा थानाधिकारी,सुखेर मय टीमद्वारा अभियुक्त चेतन भावसार पिता प्रहलाद भावसार निवासी मन्दसौर, म.प्र. को गिरफ्तार किया जाकर 500-500 रूपये के भारतीय मुद्रा के नकली नोट बरामद कर कुल 64500 रूपये जब्त कर घटना मंे प्रयुक्त कार को बरामद कर प्रकरण दर्ज किया गया। प्रकरण का अग्रिम अनुसंधानश्री विरम सिंह उ.नि. थाना सूरजपोल के जिम्मे किया गया था। उक्त मामले में श्री विरम सिंह उ.नि. मय टीम द्वारा गिरफ्तारशुदा मुलजिम चेतन भावसार से अनुसंधान करते हुये नकली नोट तैयार करने के मास्टरमाइंड प्रतापगढ निवासी गोरव पिता श्री समरथमल कुमावत निवासी ए11, इन्द्रा काॅलोनी, प्रतापगढ को गिरफ्तार कर आरोपी से भारतीय करेंसी के 200 रूपये, 500 रूपये एवं 2000 रूपये के नकली नोट तैयार करने के लिए उपयोग में लिये जा रहे इलेक्ट्रोनिक संसाधन लेपटोप, टेबलेट, कलर प्रिन्टर, डाटा केबल, पेन ड्राईव आदि सामग्री को आरोपी के मकान से बरामद किया गया। आरोपी गौरव ने अब तक की पूछताछ पर अपने साथीयों के साथ मिलकर करीब 10 लाख रूपये के 200, 500 एवं 2000 रूपये के नकली भारतीय नोट तैयार कर बाजार मंे प्रचलित कर देना स्वीकार किया है। मामले में आरोपी की गिरफ्तारी एवं उपकरण जब्ती में जिला पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ, पुलिस उप अधीक्षक, प्रतापगढ एवं थानाधिकारी प्रतापगढ कोतवाली की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मामले मंे गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। आरोपी आईटीआई की शिक्षा प्राप्त कर करीब दो साल से अपने साथीयों के साथ मिल कर यू टयूब से नकली नोट बनाने का तरीका सीख रहा था तथा करीब एक साल से नकली भारतीय नोट बना कर स्वयं एवं अपनी गैंग के सदस्यो के माध्यम से भारत के अलग अलग राज्यो मंे नकली नोटो को प्रचलित कर अपना शौक मौज पूरा करने के लिये उक्त अपराध कारित करना स्वीकार किया। आरोपी को बाद अनुसंधान न्यायालय मंे पेश किया गया। जहाॅ से उसे न्यायिक अभिरक्षा मंे भेजा गया है।
तरीका वारदातः-आरोपी गौरव कुमावत द्वारा अपने साथीयों के साथ मिलकर अपनेप्रतापगढ स्थित मकान में लेपटोप एवं कलर प्रिन्टर की सहायता से नकली भारतीय मुद्रा के 200 रूपये, 500 रूपये एवं 2000 रूपये के नकली नोट तैयार कर स्वयं एवं अपनी गैंग के सदस्यों के माध्यम से अपने विश्वसनीय व्यक्तियों से वास्तविक भारतीय रूपये प्राप्त कर उक्त राशि के दोगुनी राशि के नकली नोट देकर नकली नोटो को बाजार में प्रचलित किया जाता था।
