अंतरराष्ट्रीय महिला सप्ताह के तहत जिला स्तरीय समारोह
डूंगरपुर, 14 मार्च/दुनिया की आधी आबादी की समस्याओं और समाधान को लेकर हम कई बार चर्चा, मंथन और चिंतन करते हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी ने महिलाओं को आगे बढ़ाने, उनकी सुरक्षा व संरक्षण तथा महिलाओं को नई योजनाओं से जोड़ने का भागीरथी प्रयास किया है और उसका प्रभाव आज धरातल पर भी नजर आता है। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत महिलाओं के दर्द को समझते हैं और राज्य सरकार की हर योजना में महिलाओं के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) डॉ. शंकर यादव ने मंगलवार को विजयाराजे सिंधिया ऑडिटोरियम, डूंगरपुर में इंदिरा महिला शक्ति प्रोत्साहन एवं सम्मान समारोह में सम्बोधित करते हुए ये बात कही।
समाज और सरकार महिलाओं के साथ- डॉ. यादव:-
डॉ. यादव ने कहा कि हम नारी को नारायणी कहते हैं वहीं, कई बार नारी विमर्श में महिलाओं को अबला कहा जाता है। अलग-अलग दौर में महिलाओं को अलग-अलग स्थिति में दर्शाया गया है। हिंदी की प्रख्यात कवयित्री महादेवी वर्मा कहती हैं कि नारी तेरी यही कहानी, तेरे आंचल में दूध और आंखों में पानी। लेकिन मेरा यह मानना है कि नारी कभी भी अबला नहीं हो सकती। नारी को कमजोर समझना भूल है। लेकिन यह भी एक कड़वा सत्य है कि नारी की प्रगति की राह में सबसे बड़ी अड़चन नारी स्वयं हैं। महिलाओं को अपने मन से एहसासे कमतरी निकालना होगा। पूरा समाज और सरकार नारी के साथ खड़ा है।
आर्थिक आत्मनिर्भरता से महिला सशक्तीकरण- जिला कलक्टर एल. एन. मंत्री:-
जिला कलक्टर लक्ष्मी नारायण मंत्री ने कहा कि आम धारणा बन गई है कि जो कमाता है, उसी का सम्मान होता है। घर का काम करने वाली महिलाओं के योगदान को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। महिलाओं को अपने हक के लिए खुद आगे आना होगा। समाज में महिलाओं के वास्तविक अधिकार को प्राप्त करने के लिए आर्थिक रूप से सक्षम होना जरूरी है। महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में पहला कदम उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना और उनके अधिकारों और हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। डूंगरपुर जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजीविका व अन्य स्वयं सहायता समूहों द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है।
छोटी उम्र में बड़ा संदेश:-
महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की छात्रा मौली भट्ट ने अपने भाषण में महिलाओं के समक्ष सामाजिक और पारिवारिक चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कहा कि बेटियों को घर में ही इस तरह से पाला जाता है कि मानो, वे घर के कामकाज के लिए बनी हैं। हमें अपने घर से ही शुरुआत करनी होगी। बेटा-बेटी में घर में भेद नहीं रखेंगे, तो बाहर के भेद अपने आप समाप्त हो जाएंगे।
उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित:-
महिला अधिकारिता विभाग, डूंगरपुर के सहायक निदेशक मोतीलाल मीणा ने बताया कि महिलाओं और बालिकाओं के विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर डूंगरपुर रिन्युएबल एनर्जी टैक्नोलॉजी को प्रथम, पूजा माखीजा को द्वितीय और कामना चौबीसा को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। श्रेष्ठ महिला एवं बाल विकास कर्मी की श्रेणी में साथिन सुरता कलासुआ, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रियंका शर्मा, आंगनवाड़ी सहायिका कुरी देवी, आशा सहयोगिनी लक्ष्मी सरपोटा, इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्वास्थ्य एवं माहवारी प्रबंधन जागरुकता के लिए सेव द चिल्ड्रन संस्था, बिलड़ी राजीविका महिला सर्वांगीण विकास सहकारी समिति को सम्मानित किया गया। प्रधानाध्यापक राउप्रावि धाणी घटाउ महेश व्यास ने प्रभावी मंच संचालन किया। बड़ी संख्या में साथिन एवं राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी शामिल हुईं।
बाल विवाह रोकथाम के लिए जिले में चलेगा अभियान
जिला कलक्टर ने किए दिशा-निर्देश जारी
डूंगरपुर, 14 मार्च/जिला कलक्टर लक्ष्मी नारायण मंत्री ने बाल विवाह पर प्रभावी रोकथाम के लिये दिशा-निर्देश जारी किये है। जिला, ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर पदस्थापित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों (वृताधिकारियों, थानाधिकारियों, पटवारी, भू-अभिलेख निरीक्षक, ग्राम पंचायत सदस्यों, ग्राम सेवकों, कृषि पर्यवेक्षकों, महिला एवं बाल विकास के परियोजना अधिकारियों, पर्यवेक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला सुरक्षा सखी, शिक्षकों, नगर निकाय के कर्मचारियों, जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों, सरपंच तथा वार्ड पंच) के माध्यम से बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। आमजन को जागरूक कर बाल विवाह के रोकथाम की समुचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी बाल विवाह का आयोजन होता है तो सम्पूर्ण जवाबदेही विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
अबूझ सावों पर रहेगी विशेष नजर- जिला कलक्टर :-
जिला कलक्टर लक्ष्मी नारायण मंत्री ने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 अनुसार बाल विवाह अपराध है। बाल विवाह जैसी कुप्रथा की रोकथाम के लिए अक्षय-तृतीया (आखातीज), पीपल पूर्णिमा जैसे पर्वों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। अन्य सावों पर भी विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाहों के आयोजन की आशंका रहती है। यह आवश्यक है कि बाल विवाह की रोकथाम हेतु निरन्तर निगरानी रख क्षेत्र में बाल विवाह नहीं होना सुनिश्चित किया जाएगा।
जिला स्तरीय जनसुनवाई 16 मार्च को
डूंगरपुर, 14 मार्च/जिला कलक्टर लक्ष्मी नारायण मंत्री की अध्यक्षता में 16 मार्च को प्रातः 11 बजे जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।
सहायक निदेशक लोक सेवाएं प्रवीण कुमार मीणा ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को उक्त बैठक से संबंधित प्रगति रिपोर्ट के साथ अपने-अपने उपखण्ड क्षेत्र में स्थित भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र पर आवश्यक रूप से उपस्थित होने के निर्देश प्रदान किये है। आमजन जिला कलक्ट्रेट स्थित भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र में उपस्थित होकर अपनी परिवेदनाओं को व्यक्त कर सकतें है।
