बाल साहित्य की सात विधाओं में हुए कार्यक्रम

उदयपुर, 7 फरवरी। पंडित जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी की ओर से सलिला संस्था के सहयोग से वीरबाला कालीबाई राजकीय जनजाति विद्यालय सलूंबर में बाल साहित्य संगोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि टीएसी सदस्य लक्ष्मीनारायण पंड्या ने आयोजन की सराहना की और बाल साहित्य के संरक्षण के लिए सरकार का आभार जताया।
अकादमी के सचिव राजेंद्र मोहन शर्मा ने कहा कि इंद्रधनुष के सात रंगों की तरह बाल साहित्य की सात विधाओं में यह कार्यक्रम शानदार ढंग से संपन्न हुआ। उन्होंने देश की आजादी में जवाहरलाल नेहरू के योगदान के साथ उनके व्यक्तित्व एवं बालकों के प्रति उनके प्रेम व किये गये कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राजस्थान पहला राज्य है जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाल साहित्य अकादमी की स्थापना की है। सलिला संस्थान की अध्यक्ष विमला भंडारी ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला एवं संस्था की गतिविधियों व उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं द्वारा विमला भंडारी द्वारा लिखे, “गुरुभक्त वीरबाला कालीबाई“ के जीवन पर आधारित एकांकी का मंचन किया गया। नाटक में भाग लेने वाली बालिकाओं को उपखंड अधिकारी सुरेन्द्र बी पाटीदार ने प्रमाण पत्र प्रदान किए वहीं विमला भंडारी व दिनेश मेवाड़ी द्वारा पांच बालिकाओं को “विशिष्ट बाल प्रतिभा सम्मान“ दिया गया। इस संगोष्ठी में बाल साहित्यकार डॉ आर पी सारस्वत, रजनीकांत शुक्ल, प्रकाश तातेड़, संगीता सेठी आदि ने अपने क्षेत्र पर प्रकाश डाला। सीबीईओ सलूंबर पीयूष जैन ने बाल साहित्यकारों का सम्मान किया। प्रारंभ में डॉ पंकज वीरवाल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। विद्यालय की प्रधानाचार्या रंजना बागौरा ने स्वागत उद्बोधन दिया।

By Udaipurviews

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