राष्ट्रीय समारोह में साहित्य सृजन एवं संवर्धन में योगदान के लिए किया सम्मानित, मेवाड़ी पगड़ी पहनाकर और शॉल-उपरना ओढ़ाकर अभिनंदन
निंबाहेड़ा,15 अक्टूबर (ज़ाकिर हुसैन) . साहित्य समाज की संवेदनाओं, संस्कृति और इतिहास को शब्दों में संजोकर भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। इसी साहित्यिक साधना और रचनात्मक योगदान के लिए निंबाहेड़ा के साहित्यकार एवं लेखक हाजी एजाज अहमद को ‘अदबी उड़ान विशिष्ट साहित्यकार सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘अदबी उड़ान 11वें राष्ट्रीय पुरस्कार एवं सम्मान समारोह-2026’ में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
उदयपुर के सेक्टर-4, हिरण मगरी स्थित राजस्थान साहित्य अकादमी के मुख्य सभागार में बुधवार को आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि उदयपुर संभागीय आयुक्त खजान सिंह थे। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शब्बीर के. बोहरा उपस्थित रहे। इस अवसर पर हाजी एजाज अहमद को मेवाड़ी परंपरा के अनुरूप पगड़ी पहनाकर, शॉल एवं उपरना ओढ़ाकर तथा प्रशस्ति-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान-पत्र में उनके उत्कृष्ट साहित्य सृजन तथा साहित्य के संवर्धन एवं संरक्षण में दिए गए योगदान की सराहना की गई।
देशभर से आए साहित्यकारों का हुआ सम्मान
इस राष्ट्रीय समारोह में सम्पूर्ण भारतवर्ष से आए साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों एवं रचनाकारों को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्य साधकों को एक मंच पर सम्मानित कर उनकी रचनात्मक उपलब्धियों का अभिनंदन किया गया। समारोह ने साहित्य, भाषा, संस्कृति और तहजीब की समृद्ध परंपराओं को सहेजने तथा उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने के महत्व को भी रेखांकित किया।
सचिव डॉ. बसन्त सिंह सोलंकी तथा संस्थापक अध्यक्ष खुर्शीद शेख ने समारोह के माध्यम से साहित्यकारों की साधना और समाज में साहित्य के योगदान को सम्मान प्रदान किया गया।
‘निंबाहेड़ा का इतिहास’ को शब्दों में संजोया
हाजी एजाज अहमद साहित्य सृजन के साथ ऐतिहासिक लेखन के क्षेत्र में भी योगदान दे रहे हैं। उन्होंने ‘द ग्रेट हिस्ट्री ऑफ निंबाहेड़ा’ (निंबाहेड़ा का इतिहास—कल, आज और कल) शीर्षक से पुस्तक के प्रथम एवं द्वितीय भाग लिखे हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से निंबाहेड़ा के इतिहास, सामाजिक परिवेश और सांस्कृतिक विरासत को शब्दों में संजोने का प्रयास किया गया है। स्थानीय इतिहास का लेखन किसी भी क्षेत्र की पहचान, परंपराओं और अतीत की स्मृतियों को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
साहित्यिक उपलब्धि से बढ़ा निंबाहेड़ा का गौरव
हाजी एजाज अहमद को प्राप्त यह सम्मान उनकी साहित्यिक साधना और रचनात्मक योगदान का अभिनंदन है। साहित्य केवल शब्दों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज के विचारों, संवेदनाओं और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतिबिंब भी है। साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को नई दृष्टि देने के साथ इतिहास और विरासत को जीवंत बनाए रखते हैं।
राष्ट्रीय स्तर के इस समारोह में सम्मानित होने से निंबाहेड़ा की साहित्यिक पहचान को नई उपलब्धि मिली है। हाजी एजाज अहमद की यह उपलब्धि क्षेत्र के साहित्यप्रेमियों के लिए गौरव का विषय है तथा साहित्य और इतिहास लेखन के प्रति समर्पण की भावना को प्रोत्साहित करती है।
