नवरात्रि का दूसरा दिन : औदिच्य समाज के गरबा महोत्सव में देर रात तक गूंजे डांडियों के स्वर

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

– दुदाजी का देवरा मंदिर प्रांगण में नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव में पारंपरिक वेशभूषा में सजे समाजजन
उदयपुर, 12 अक्टूबर। श्री लक्ष्मीनारायण युवा परिषद एवं परशुराम गरबा मंडल की ओर से पुरोहितों की मादड़ी स्थित दुदाजी का देवरा मंदिर प्रांगण में समस्त औदिच्य समाज का सामूहिक गरबा उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया जा रहा है। गरबा महोत्सव में डांडियों की खनक और मां दुर्गा के जयकारों के बीच समाजजनों ने देर रात तक गरबा नृत्य किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला-पुरुषों और युवाओं ने उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
परिषद के संस्थापक हीरालाल गोकलावत एवं महामंत्री जमनेश डूंगावत ने बताया कि नवरात्रि के प्रथम दिन माताजी की महाआरती परिषद अध्यक्ष जितेन्द्र गोन्दावत, खुशबू गोन्दावत, पार्थ गोन्दावत एवं दक्ष गोन्दावत के परिवार की ओर से की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी तथा प्रतिदिन विशेष भोग अर्पित किया जाएगा।
परशुराम गरबा मंडल के भोपाजी गणेशलाल ईडाणा ने बताया कि नवरात्र महोत्सव के दौरान प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, गरबा नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। समस्त औदिच्य समाज के लोग सामूहिक रूप से इस महोत्सव में भाग लेकर धार्मिक परंपराओं और सामाजिक एकता को मजबूत कर रहे हैं।
सांस्कृतिक मंत्री हितेश व्यास ने बताया कि महोत्सव में प्रतिदिन अलग-अलग थीम पर गरबा नृत्य आयोजित किया जा रहा है। महिलाओं और युवाओं के लिए पारंपरिक परिधान प्रतियोगिता भी रखी गई है। गरबा नृत्य के बाद बच्चों, युवाओं एवं महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़, चम्मच दौड़, बोरी दौड़ सहित विभिन्न मनोरंजक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों से उत्सव में उल्लास का माहौल बना हुआ है और समाज के सभी आयु वर्ग के लोग बढ़-चढक़र भाग ले रहे हैं। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर प्रांगण में भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
इस अवसर पर संस्थापक हीरालाल गोकलावत, पूर्व अध्यक्ष बंशीलाल पतावत, नारायण हीरावत, भोपाजी गणेशलाल ईडाणा, छगनलाल डूंगावत, दिलीप डूंगावत, पूर्व कोषाध्यक्ष डालचंद बोरीवाला, कोषाध्यक्ष मांगीलाल पतावत, हरीश फरावत, कैलाश डूंगावत, हितेश व्यास, धमेन्द्र गोन्दावत, भूपेश डूंगावत, जमनेश डूंगावत, प्रकाश हीरावत, जितेन्द्र गोन्दावत, हिमेश औदिच्य वल्लभ, हार्दिक हीरावत, सौरभ पतावत, विराट डूंगावत, अनीश डूंगावत, सिद्धार्थ डूंगावत, अर्नव डूंगावत, रुद्राक्ष गोन्दावत, दिव्यांश पतावत, दक्ष गोन्दावत, पार्थ गोन्दावत,  महिला मण्डल में कांता बाई डूंगावत, आशा देवी व्यास, सुमित्रा हीरावत, सुमित्रा ईडाणा, मोनिका डूंगावत, ललिता डूंगावत, दिव्या डूंगावत, खुशबू गोन्दावत, पिंकी पतावत, सावित्री पतावत, मीना औदिच्य वल्लभ, लाली गोकलावत, प्रिंयका फरावत, द्रोपदी गोन्दावत, निर्मला गोन्दावत, कोमल जीवावत, लक्ष्य गोकलावत, कन्वी गोन्दावत, रूद्र जीवावत, सचिन औदिच्य वल्लभ, भव्यांश हीरावत, जान्हवी डूंगावत, प्रिया हीरावत, रवीना जावद सहित कई औदिच्य समाज के समाजजन मौजूद रहे।

By Udaipurviews

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