सनवाड में डकैती व हत्या की जघन्य वारदात का खुलासा, शातिर गिरोह का पर्दाफाश

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर। जिले के सनवाड क्षेत्र में रात्रि के समय डकैती एवं हत्या की जघन्य वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया। बदमाशों ने घर में लूट की वारदात करते समय विरोध करने पर वृद्ध की निर्मम हत्या कर दी थी। बदमाश वृद्ध के परिजनों को बंधक बनाकर घर के अंदर से जेवरात व नगदी लूटी थी। वारदात के बाद बदमाश लंबे समय तक जंगलों व पहाडों में छिपते रहे जिन्हें पुलिस ने ग्रामीण भेष में पीछा कर गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार पीडित शिवलाल भील निवासी खोडियाजी बावजी भील बस्ती सनवाड ने गत चार अगस्त को दी रिपोर्ट में बताया कि तीन अगस्त की रात में वह और उसके पिता देवीलाल परिवार के अन्य सभी लोग घर में सोए हुए थे। रात्रि में बाहर से चिल्लाने की आवाज आई तो वह व उसकी मा मांगीबाई दोनों घर के अंदर से बाहर आए तो देखा कि उसके ीााई उंकारलाल के घर के अंदर दो-तीन व्यक्ति मारपीट कर रहे थे। उसकी भाभी को दो जनो ने पकड रखा था। वह उनकी तरफ जाने लगे तभी तीन-चार व्यक्ति हमारी तरफ आए ओर एक ने उसके सिर पर लकडी से मारी व पिता के भी ताबडतोड लकडी से सिर पर मारी। उसे व उसकी मां दोनो को पकड कर घर के अन्दर ले गये ओर बिस्तरो मे पटक दिया ओर कहा कि अगर चिल्लाए तो जान से मार देंगे एवं उसकी मां व भाभी के पैरो में पहनी हुई कडिया व नाक का लोंग खोल लिए एवं मां के गले का सोने का मादलिया खोलकर ले गये। पिता देवीलाल के ताबडतोड सिर पर वार करने से घायल हो गए। वारदात के बाद बदमाश भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भाई उंकार लाल,भाभी पुष्पा बाई,भतिजा अनिल,मां मांगी बाई सहित सभी को सनवाड हॉस्पीटल लेकर गए जहां ईलाज के दौरान पिता देवीलाल की मृत्यु हो गई। इस रिपोर्ट पर पुलिस की विशेष टीम द्वारा घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण किया जाकर घटनास्थल पर एफएसएल युनिट उदयपुर एवं चल मोबाइल अनुसंधान ईकाई व डाग स्कायड टीम को भी मौके पर बुलाया जाकर आवश्यक साक्ष्य संकलन किया गया। चुकि घटना स्थल निरीक्षण एवं अनुसंधान से स्पष्ट हो गया था कि उक्त कु्ररतापूर्वक वारदात पूर्व योजना अनुसार बाहर की किसी गैंग के द्वारा अंजाम दी गई है। शातिर बदमाशो की सरगर्मी से तलाश प्रारंभ कर दी एवं प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस टीमों द्वारा घटना स्थल के आसपास कच्चे रास्तों पर स्थित मकानों, सडको, दुकानो, होटल, ढाबों, शराब की दुकानो, टोल नाको व मुख्य सडक मार्गो व चैराहों पर लगे हुये करीब 600 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चैक की गई। चुकि अभियुक्तगण काफी शातिर प्रवृत्ति के होकर घटना स्थल पर अपना मोबाईल नही लेकर आते थे जिस कारण मुखबिर तंत्र के आधार पर परम्परागत पुलिसिंग करते हुये गठित टीम द्वारा आसपास के क्षेत्रो मे पुर्व में संपति संबंधित मामलो में चालानशुदा अपराधियो से पुछताछ की गई, संदिग्ध बदमाशान को टीम द्वारा भुपालसागर ,आकोला ,कपासन ,निकुम्भ ,राशमी ,बेंगु, बस्सी, दरीबा, रेलमगरा, नाथद्वारा, आमेट, गंगापुर, रायला, बिजोलिया, भीलवाडा, अजमेर, नसीराबाद तथा बेंगलोर शहर में करीब 4000 किमी तक काफी तलाश की। इसी दरम्यान टीम को कुछ संदिग्धो का वारदात के बाद जंगलो मे छिप कर दिन गुजारने के दिनचर्या का पता चला जिस पर मन थानाधिकारी मदन लाल द्वारा इस संबंध मे श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय को निवेदन किया जाकर श्रीमान के निर्देशानुसार मन थानाधिकारी मय टीम के द्वारा करीब 21 दिनों तक लगातार जंगलो एवं पहाडी ईलाको मे रहकर संदिग्धो की तलाश की। जिस पर टीम के उक्त अथक प्रयासो एवं मुखबीर सुचनाओ के आधार पर पूर्व में संपति संबंधित अपराधो मे चालानशुदा एवं प्रकरण हाजा की घटना के तरीका वारदात से संबधित संदिग्ध मदन नाथ कालबेलिया पुत्र सोहन उर्फ मोहन नाथ कालबेलिया निवासी आरणी राशमी जिला चितौडगढ व सुरेश चन्द पुत्र जयचन्द मोगिया निवासी भाणुजा डांग नई आबादी भाणुजा निकुम्भ जिला चितौडगढ का आबादी से दूर जंगल व पहाडों में संदिग्धों के रहने के डेरो व गोपनीय स्थानों का ग्रामीण वेश में पशु चराने वाले ग्रामीणों के साथ रहकर पता लगाया जाकर लगातार पीछा किया गया। तब जाकर उक्त दोनो संदिग्धों को डिटेन किया गया उक्त अभियुक्तगण से सख्ती व मनोवैज्ञानिक तरीके से पुछताछ की गई तो उक्त दोनो अभियूक्तों द्वारा प्रकरण हाजा की घटना अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कारित करना एवं उक्त घटना के अलावा आसपास के जिलो चितौडगढ, राजसमन्द,भीलवाडा व उदयपुर जिले के थाना क्षेत्रों में अन्य कई वारदाते करना स्वीकार किया जिस पर उक्त दोनो अभियुक्तगण मदन नाथ कालबेलिया व सुरेश मोगिया को थाना हाजा की घटना में रात्रि के समय मकान मे घुस कर डकैती एवं हत्या की नृशंस वारदात को करने के आरोप मे गिरफ्तार किया गया। उक्त अभियुक्तगणो से उनके अन्य साथियो के बारे में एवं उनके द्वारा अंजाम दी गई अन्य वारदातो के बारे मे पूछताछ जारी है जिनसे और भी कई वारदाते खुलने की संभावना है। एसपी ने बताया कि घटना मे संलिप्त बदमाश बहुत ही शातिर एवं कु्रर प्रवृति के होकर पूर्व में भी सुनसान व अकेले मकानो में घुसकर रात्रि के समय मारपीट कर हत्या करने व सोने चांदी के जेवरात व नकदी लुट कर ले जाने व मोटरसाईकिल चोरी के प्रकरणों में चालानशुदा है। उक्त  अभियुक्तगण सुनसान जगहो पर बने हुये मकानो, दुकानो, प्रतिष्ठान एवं मंदिरो की रैकी कर घटना के दिन चोरी की मोटरसाइकिल से घटनास्थल से करीब 4-5 किमी दुर मोटरसाइकिल को छिपा कर खडी कर पैदल-पैदल घटनास्थल पर जाकर बिना मोबाईल का उपयोग किये सीसीटीवी कैमरो से बचकर जाने के लिये खेतों व कच्ची पगडंडी के रास्ते नाप लेते है एवं वारदात के वक्त रात्रि के समय मंदिरो मे जैवरात, दानपेटी तोडकर दानराशि एवं सूने व अकेले मकानो में घुसकर घर में रह रहे सदस्यों के साथ मारपीट कर बंधक बनाकर सोने व चांदी के जैवरात,नकदी चोरी करने की घटना को कारित कर पुनः पैदल-पैदल उस जगह पर पहुंच कर मोटरसाइकिल से गांवो के अंदरूनी रास्तो से फरार हो जाते है एवं घटना कारित करने के बाद सुनसान व आबादी रहित इलाके जंगल व पहाडो में जाकर छुप कर कुछ दिन बिताते है एवं जब वारदात का कुछ समय गुजर जाता है इसके पश्चात पुनः सक्रिय होकर नई वारदात की तैयारी कर लेते है।

By Udaipurviews

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