पर्युषण के दूसरे दिन महाप्रज्ञ विहार में मनाया स्वाध्याय दिवस, श्रद्धालुओं ने लिया आत्मचिंतन व संयम का संकल्प
उदयपुर। पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के दूसरे दिन श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज की ओर से स्वाध्याय दिवस मनाया गया। महाप्रज्ञ विहार में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के आज्ञानुवर्ती मुनिश्री संजय कुमार दिवेर, मुनिश्री प्रकाश कुमार दिवेर एवं मुनिश्री सिद्धि प्रज्ञ उज्जैन के सान्निध्य में भव्य धर्मसभा हुई। इसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की।
धर्मसभा में मुनिश्री ने स्वाध्याय की महत्ता बताते हुए कहा कि स्वाध्याय केवल शास्त्रों का अध्ययन नहीं, बल्कि स्वयं को जानने और जीवन को सही दिशा देने की साधना है। स्वाध्याय से ज्ञान, विनम्रता, एकाग्रता, स्थिरता और सेवा भावना का विकास होता है। व्यक्ति का ध्यान जिस विषय पर केंद्रित रहता है, उसका व्यक्तित्व भी उसी अनुरूप बनता है।
मुनिश्री ने कहा कि स्वाध्याय मन और मस्तिष्क को शांत कर एकाग्रता बढ़ाता है और यही एकाग्रता प्रज्ञा के विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने बुढ़ापे से पहले स्वाध्याय की आदत विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा कि उम्र को रोकना संभव नहीं, लेकिन ज्ञान और चेतना के माध्यम से जीवन की कठिनाइयों का सामना सहजता से किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पढ़े हुए ज्ञान को स्थायी बनाने के लिए निरंतर अभ्यास जरूरी है। अच्छे लोगों की संगति और प्रवचन सुनना भी स्वाध्याय के महत्वपूर्ण रूप हैं। स्वाध्याय से मन की मूर्छा दूर होती है, समस्याओं के समाधान की दिशा मिलती है और कर्मों की निर्जरा होती है।
मुनिश्री ने साधना की सफलता के लिए समता, सहनशीलता, विनम्रता, सेवा, वैयावृत्ति, सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान तथा कषायों के त्याग को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि केवल उपवास, पूजा-पाठ, जाप या माला फेरना ही साधना नहीं है, बल्कि जीवन में समता और सहनशीलता का विकास करना भी उतना ही जरूरी है।
मुनिश्री संजय कुमार ने भजन के माध्यम से आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का संदेश दिया तथा आगम सूत्रों के माध्यम से साधना का मर्म समझाया। महिला मंडल की सदस्याओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।
पर्युषण के दूसरे दिन समाजजनों ने धार्मिक आराधना, स्वाध्याय, तप, संयम, ध्यान एवं प्रतिक्रमण के संकल्प लिए। इस अवसर पर श्री जैन तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम एवं अणुव्रत समिति, उदयपुर के तत्वावधान में विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। तेरापंथ सभा उदयपुर के अध्यक्ष राजकुमार कच्छारा और मंत्री राकेश नाहर ने बताया कि गुरूवार 10 सितम्बर को सामायिक दिवस के रूप में मनाया जायेगा।
स्वाध्याय से स्वयं की पहचान और जीवन को मिलती है सही दिशाःमुनिश्री
