उदयपुर में 26-27 सितंबर को होगा दो दिवसीय आयोजन, 60 से अधिक अनूठे अनुभवों के साथ प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क
उदयपुर, 8 सितंबर। जलवायु परिवर्तन को केवल आंकड़ों और भविष्य के संकट की चर्चाओं तक सीमित रखने के बजाय आम नागरिकों को प्रकृति और पर्यावरण से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से उदयपुर में क्लाइमेट चक्रव्यूह फेस्टिवल 2026 का आयोजन 26 और 27 सितंबर को किया जाएगा। दो दिवसीय इस नागरिक-नेतृत्व वाले जलवायु उत्सव में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। इसका आयोजन देशभर के 150 से अधिक युवा कार्यकर्ताओं, जलवायु विशेषज्ञों, युवा सामाजिक उद्यमियों और कलाकारों के सहयोग से किया जा रहा है।
फेस्टिवल की परिकल्पना महाभारत के ‘चक्रव्यूह’ से प्रेरित है। आयोजकों के अनुसार आज की जलवायु चुनौती भी एक जटिल चक्रव्यूह की तरह है, लेकिन इससे बाहर निकलने के अनेक रास्ते हमारी रोजमर्रा की जिंदगी और अपने आसपास की प्रकृति से जुड़ाव में छिपे हैं। इसी सोच पर आधारित ‘नॉरिशिंग नाउ’ सिद्धांत उत्सव की मूल अवधारणा है।
उत्सव में उदयपुर की झीलों, पहाड़ियों और गलियों में 60 से अधिक अनूठे अनुभव आयोजित होंगे। इनमें विशेषज्ञों के साथ पक्षी भ्रमण, रात में पतंगों की दुनिया की खोज, कारीगरों के साथ बैठकर पत्तों से बर्तन बनाना तथा मरम्मत केंद्र में पुरानी साइकिल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कपड़ों की मरम्मत जैसे अनुभव शामिल हैं।
उत्सव को खेल आधारित स्वरूप दिया गया है। प्रतिभागी ‘सीइंग यानी आकाश’, ‘डूइंग यानी पृथ्वी’ और ‘बीइंग यानी प्राण’ तीन मार्गों के माध्यम से विभिन्न अनुभव पूरे करेंगे। प्रत्येक अनुभव के लिए अंक तथा स्वर्ण, रजत और कांस्य स्तर की कठिनाई निर्धारित होगी। पंजीकरण के बाद प्रतिभागियों को क्लाइमेट पासपोर्ट मिलेगा, जिसमें अनुभव पूरे करने पर मुहर लगाई जाएगी। शीर्ष 30 प्रतिभागियों को 27 सितंबर को विद्या भवन में होने वाले समापन समारोह में सम्मानित किया जाएगा। शाम के समय जीवंत संगीत प्रस्तुतियां भी होंगी। प्रसिद्ध इंडी गायक सलमान इलाही, कवि एवं गायक-गीतकार कविश सेठ, लोक कलाकार रितेश गोहिया तथा मोहन वीणा और सितार वादक राघवेंद्र कुमार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
मुख्य आयोजन विद्या भवन में सुबह 10.30 से रात 8.30 बजे तक चलेगा। वहीं शहर के विभिन्न स्थानों पर अनुभवों की प्रकृति के अनुसार सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इच्छुक प्रतिभागी जोहो बैकस्टेज ऐप या वेबसाइट के माध्यम से निःशुल्क पंजीकरण कर अपनी पसंद के अनुभवों के लिए नामांकन कर सकेंगे।
रेनमैटर फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस उत्सव की परिकल्पना कम्युनिटी,द यूथ कलेक्टिव और वार्तालीप ने की है। उदयपुर सहित देशभर के 100 से अधिक संगठन इसके सह-निर्माता हैं।
जलवायु बदलाव को आंकड़ों से नहीं, अनुभवों से समझाएगा ‘चक्रव्यूह’ उत्सव
