एकजुटता के साथ समाज उत्थान की नई दिशा तय, घनश्याम वर्मा के नेतृत्व पर जताया विश्वास
महासभा में 250 से अधिक समाजबंधुओं की सहभागिता, शिक्षा और छात्रावास को लेकर लिए महत्वपूर्ण निर्णय
उदयपुर, 6 सितम्बर। राजस्थान क्षत्रिय दमामी महासभा (त्ज्ञक्क्ड) की विशाल महासभा रविवार को चित्रकूट नगर स्थित समाज के छात्रावास भवन में आयोजित हुई। महासभा में 250 से अधिक समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान समाजोत्थान के लिए समाजबंधुओं ने भरपूर समर्थन देते हुए महत्वपूर्ण अंशदान भी प्रदान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज के संरक्षक रामनारायण जी बनावत ने की। महासभा का शुभारंभ त्ज्ञक्क्ड अध्यक्ष घनश्याम वर्मा के स्वागत उद्बोधन से हुआ। महासचिव प्रसन्न दाँत्या ने समाज में हाल ही में हुई गतिविधियों एवं वर्तमान परिस्थितियों से उपस्थित समाजबंधुओं को अवगत कराया।
महासभा का प्रमुख उद्देश्य समाज में लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों एवं समानांतर कार्यकारिणियों की स्थिति पर चर्चा कर समाजहित में सर्वसम्मत समाधान निकालना रहा। इस दौरान उपस्थित समाजबंधुओं ने घनश्याम वर्मा के नेतृत्व वाली वर्तमान कार्यकारिणी को संवैधानिक रूप से कार्यरत मानते हुए उसके माध्यम से समाजहित में आगे कार्य करने पर सहमति व्यक्त की।
शिक्षा और छात्रावास पर रहेगा विशेष फोकस
महासभा में समाज की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में समाज को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। छात्रावास में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाने के लिए गाँव-गाँव और ढाणी-ढाणी जाकर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से संपर्क करने का निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने एवं उन्हें सम्मानित करने की पहल को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी। समाज से लंबे समय से दूर रहे परिवारों एवं समाजबंधुओं को पुनः समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
समाज की एकता और उज्ज्वल भविष्य का संकल्प
महासभा में समाजबंधुओं ने एकजुट होकर समाज के विकास, संगठन की मजबूती और आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। महासभा में मिले व्यापक समर्थन और अंशदान को समाजोत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
राजस्थान क्षत्रिय दमामी महासभा में समाजहित के अहम फैसले
