उदयपुर, 2 अगस्त। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में आयोजित प्रवचन में उपाध्याय डॉ. राजेन्द्र मुनि ने कहा कि राष्ट्र के विकास और निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवा शक्ति यदि सही दिशा में अपनी ऊर्जा का उपयोग करे तो परिवार, समाज और राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।
उन्होंने कहा कि युवा अवस्था जोश और उत्साह से भरपूर होती है, लेकिन इस जोश के साथ विवेक और सही मार्गदर्शन भी आवश्यक है। मनुष्य को अपनी इन्द्रियों पर संयम रखते हुए सकारात्मक सोच विकसित करनी चाहिए, क्योंकि स्वस्थ दृष्टिकोण ही जीवन निर्माण का आधार बनता है। जिनके जीवन में अच्छे संस्कार और विवेक का अभाव होता है, उनका जीवन कठिनाइयों से घिर जाता है।
डॉ. राजेन्द्र मुनि ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के हित में अपनी प्रतिभा एवं ऊर्जा का सदुपयोग करें। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती बुराइयों को रोकने तथा युवाओं को सही दिशा देने के लिए नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा का प्रसार आवश्यक है। जिस समाज में युवा जागरूक और संस्कारित होते हैं, वही समाज और राष्ट्र निरंतर प्रगति करता है।
सभा में उपाध्याय रमेश मुनि, दीपेश मुनि एवं अन्य संतों के सान्निध्य में मंगल भावना व्यक्त की गई। कार्यक्रम में रोशनलाल जैन, हिम्मत कोठारी, दिनेश डांगी सहित समाज के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। अंत में साखला परिवार द्वारा प्रभावना आयोजित कर श्रद्धालुओं का सम्मान किया गया।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम, अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करें युवाःडॉ. राजेन्द्र मुनि
