उदयपुर। प्रेम प्रसंग के चलते युवक का अपहरण कर उसकी हत्या के मामले में पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी डॉ अमृता दुहन के अनुसार सुरेन्द्र सिंह कितावत निवासी भीमल (वागननाडा) द्वारा रिपोर्ट पेश की गई कि उसके जियाजी हिम्मत सिंह सोलकी पुत्र मोकम सिंह सोंलकी निवासी बॉडी चिरवा, मारुवास, मावली 22 जून को सांय 7.30 के आसपास अपनी कार लेकर फुटिया घाटी कैलाशपुरी (राया मटाटा) निवासी महिला से मिलने गये थे। जहां घर से 100 मीटर की दुरी पर नर्सरी के पास महिला का इन्तजार कर रहे थे। उसी वक्त एक तेज रफतार से बिना नम्बरी सफेद पिकअप के चालक द्वारा हिम्मत सिंह के कार को टक्कर मारी और पिकअप में सवार 8-10 व्यक्ति नीचे उतकर कर हिम्मत सिंह के कार में पत्थर व लठ से तोडफोड कर हिम्मत सिंह के साथ लठ से मारपीट कर जबरन उठाकर पिकअप मंे डालकर कही लेकर चले गये। हिम्मत सिंह का साल भर से महिला से प्रेम प्रसंग था इसी बात की लेकर महिला के पति छगन व ससुर टेका तथा भाई के मध्य आपसी रंजिश चल रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अनुसंधान करते हुए घटना स्थल के आस-पास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जाकर तकनीकी विश्लेषण व आसूचना के सहयोग से अभियुक्तगणों की पहचान की गई। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तगणों की तलाश के लिए उदयपुर, राजसमंद, भीलवाड़ा जिलों में सैकड़ों स्थानों पर दबिश दी जाकर प्रकरण के मुख्य अभियुक्ता भोली उर्फ भोलकी पत्नी छगन लाल निवासी पोटिया घाटी कैलाशपुरी तथा उसके सगे भाई ललित पुत्र शंकर निवासी प्रतापपुरा अम्बेरी को गिरफ्तार किया गया। एसपी ने बताया कि अभियुक्ता भोली कैलाशपुरी के जंगलों में बकरिया चराती थी, वहीं पर एक माईन्स में मृतक हिम्मतसिंह डम्पर पर ड्राईविग का काम करता था। करीब 13 वर्ष पूर्व दोनों की जानकारी हुई। दोनों आपस में मोबाईल पर बाते करने लगे। भोली के पीहर पक्ष ने हिम्मत सिंह से रिश्ता तोड़ने को कहा तथा भोली भी हिम्मत सिंह से परेशान हो चुकी थी, तो योजना के मुताबिक 26 जून को हिम्मत सिंह को फोन करके बुलाया और हिम्मत सिंह के आते ही सूचना अपने भाई ललित को दी। ललित, मदन, सुन्दर और अजय गमेती अपने दो अन्य साथी रूपलाल तथा जीतू के साथ वहां पर छिपाव हासिल करके तैयार बैठे थे। जैस ही हिम्मत सिंह वहां आया। सर्वप्रथम ललित और अन्य ने उसकी कार को पिक-अप से जबरदस्त टक्कर मारी फिर हिम्मतसिंह के साथ मारपीट कर कार को क्षतिग्रस्त कर दिया और हिम्मतसिंह को पिकअप गाडी में डालकर पेसिफिक अस्पताल के पीछे जंगल में ले जाकर मारपीट की। जिससे हिम्मत सिंह की मृत्यु हो गई। उक्त घटना के पश्चात सभी वहां से फरार हो गए। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए भोली और उसके भाई ललित को गिरफ्तार किया। मृतक हिम्मत सिंह के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से करवाकर उसके परिजनों को सुपुर्द किया गया। प्रकरण में अन्य आरोपियों की तलाश व अग्रिम अनुसंधान जारी है।
हिम्मत सिंह अपहरण व हत्या के मामले में 48 घण्टे में मुख्य 2 अभियुक्त गिरफ्तार
