गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास को संजोने के लिए डॉ. हुसैनी बोहरा को मिला राष्ट्रीय सम्मान

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्यरत सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी), मुख्यालय, नई दिल्ली में आयोजित डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी (डीडीआर) सम्मान समारोह में देश के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास को संजोने एवं भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत उपस्थित रहे। कार्यक्रम में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के अध्यक्ष  राम बहादुर राय, सीसीआरटी के अध्यक्ष डॉ. विनोद नारायण इंदुरकर, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव विवेक अग्रवाल, संयुक्त सचिव  समर नंदा एवं कमलेश कुमार मिश्र, संस्कृति मंत्रालय के निदेशक राजीव कुमार तथा सीसीआरटी के निदेशक पप्पुंजय कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर राजस्थान के प्रतिष्ठित शिक्षाविद एवं भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय उदयपुर के सहायक आचार्य (हिंदी) डॉ. हुसैनी बोहरा को राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी (डीडीआर) परियोजना के अंतर्गत भारत के गुमनाम एवं अल्प-ज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों की 200 से अधिक प्रेरणादायी कहानियों के लेखन, संकलन एवं दस्तावेजीकरण के लिए प्रदान किया गया। ये राजस्थान के एकमात्र सम्मानित होने वाले प्रतिभागी हैं। सम्मान स्वरूप स्मृति पट्टिका, शॉल व प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इससे पूर्व भी इनका सीसीआरटी के अमृत रत्न शृंखला की छठी कड़ी में दिल्ली के लाल किला मैदान से 28 जनवरी 2023 को फेसबुक लाइव वार्ता का प्रसारण किया गया था। डॉ. बोहरा ने अपने शोध एवं लेखन के माध्यम से अनेक ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और योगदान को सामने लाने का कार्य किया, जिनका इतिहास मुख्यधारा में अपेक्षित स्थान नहीं पा सका था। उनके द्वारा तैयार की गई सामग्री देश की भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी तथा स्वतंत्रता आंदोलन के स्थानीय इतिहास को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में राजस्थान के राष्ट्रीय सांस्कृतिक राजदूत एवं सीसीआरटी जिला संदर्भ व्यक्ति ओम जोशी, ललित जांगिड़, शिवलाल बलारा, किशनाराम मुंडेल एवं फूलचंद भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सीसीआरटी जिला संदर्भ व्यक्ति एवं राष्ट्रीय सांस्कृतिक राजदूत ओम जोशी ने कहा कि डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी (डीडीआर) परियोजना देश के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों, स्थानीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का एक ऐतिहासिक अभियान है। डॉ. हुसैनी बोहरा द्वारा 200 से अधिक स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियों का दस्तावेजीकरण नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ने का प्रेरणादायी कार्य है।

By Udaipurviews

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