उदयपुर के पवित्र गायत्री शक्तिपीठ में दो दिनों तक चला भव्य ‘गायत्री जयंती महामहोत्सव’ आज एक दिव्य वातावरण में संपन्न हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
महोत्सव की शुरुआत मंगलवार, 23 जून 2026 को सुबह 6:00 बजे ‘अखण्ड जप’ के साथ हुई, जो शाम 6:00 बजे तक बिना रुके जारी रहा। जप के उपरांत भजन संध्या रखी गई जिसमें साधकों ने गायत्री चालीसा, हनुमान चालीसा का पाठ और भजनों का आनंद लिया, भक्तों के लिए यह एक अनोखा अनुभव था।
बुधवार, 24 जून को सुबह 8:30 बजे मुख्य कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें एक भव्य ‘महायज्ञ’ आयोजित किया गया, जहां भक्तों ने भगवान की पूजा और हवन में भाग लिया। इस यज्ञ के बाद दिव्य संस्कार और दीक्षा का कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें युवाओं और बच्चों को संस्कारित किया गया।
महोत्सव के अंत में, यज्ञ की पूर्णाहूति के बाद सभी उपस्थित लोगों के लिए ‘भोजन प्रसाद’ का वितरण किया गया। लोगों ने भगवान का प्रसाद ग्रहण किया और महोत्सव की खुशी मनाई। यह दो दिवसीय महोत्सव उदयपुर के लोगों के लिए एक यादगार अनुभव था। इसने उन्हें भक्ति और आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित किया और दिव्य संस्कारों के महत्व को याद दिलाया।
कार्यक्रम में डॉ आलोक व्यास की गरिमामई उपस्थिति रही। गायत्री शक्तिपीठ व्यवस्थापक के.सी. व्यास ने सभी साधकों, भक्तों और दानदाताओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस महोत्सव को सफल बनाने में मदद की। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजन लोगों में सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक भावनाओं को बढ़ावा देते हैं। वे भविष्य में भी ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे, ताकि लोगों को भक्ति और आध्यात्मिकता से जुड़ाव बना रहे।
