-कार्यक्रम छोडकर पहले घायल को बचाने के प्रयास किए, पुलिस को बुलवाया, क्रेन मंगवाई
उदयपुर। घाटोल से प्रतापगढ़ मार्ग पर मंगलवार को हुई एक भीषण दुर्घटना में घायल चालक को बचाने में सांसद डॉ मन्नालाल रावत फिर मददगार बने। उन्होंने अपने आगे का कार्यक्रम छोडकर अपना वाहन भेजकर निकटवर्ती पुलिस को बुलवाया और तत्काल क्रेन मंगवाकर केबिन में फंसे चालक की जान बचाई।
सांसद डॉ रावत मंगलवार को बांसवाडा-प्रतापगढ दौरे पर थे, जहां विभिन्न स्थानों पर उनके कार्यक्रम तय थे। घाटोल से प्रतापगढ़ मार्ग पर जब वे गुजर रहे थे, तब आमलीघाटी के पास दो वाहनों में आमने सामने भीडंत हो गई। राहगीरों की भीड देखकर सांसद डॉ रावत ने अपना वाहन रुकवाया और दुर्घटना के बारे में जानकारी ली। जब उन्हें पता चला कि एक चालक केबिन में फंसा में और उसे तत्काल सहायता की जरुरत है तो उन्होंने अपना वाहन व सुरक्षाकर्मियों को भेजकर निकटवर्ती पुलिसकर्मियों को बुलवाया। इस बीच उन्होंने खुद ने राहगीरों के साथ घायलों को बचाने के प्रयास शुरु कर दिए। सांसद डॉ रावत ने वे हर प्रयास शुरु करवा दिए जिससे केबिन में फंसे चालक की जान बच जाए। इसके लिए उन्होंने दूसरी बस से टामी मंगाकर केबिन को कटवाने का काम भी शुरु करवाया। इससे जल्द ही प्रयासों को सफलता मिली और चालक को केबिन में बाहर निकाला गया। घायल होने से उसे वाहन से घाटोल अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में रास्ते को दुरस्त करने के लिए क्रेन भी मंगवाई जिससे आवागमन को सुचारु किया गया। उल्लेखनीय है कि सांसद डॉ रावत परिवहन विभाग में उच्च पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं इसलिए हाइवे व अन्य रास्तों पर होने वाली दुर्घटनाओं में बचाव कार्य में पहले भी शामिल रह चुके हैं, इसलिए उनका अनुभव इस जगह काम आया। सांसद डॉ रावत द्वारा दिखाई गई इस मानवीयता पर वहां मौजूद राहगीर गदगद हो गए। उन्होंने कहा कि सांसद चाहते तो वहां से अपना वाहन लेकर गुजर जाते, लेकिन उन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए न केवल चालक की जान बचाई, बल्कि तत्काल आवागमन भी सुचारु करवाने के निर्देश दिए, ताकि अन्य वाहनों कोई परेशानी नहीं हो।
ज्ञात रहे कि उदयपुर सलूंबर मार्ग पर मोटरसाइकिल दुर्घटना में घायल होकर सडक पर पडे एक युवक की भी सांसद डॉ रावत ने सुध ली थी और उसे अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाया था जिससे उसकी जान बच गई।
दुर्घटना में केबिन में फंसे चालक की जान बचाने में मददगार बने सांसद डॉ रावत
