उदयपुर में गूंजेगी संगीत विरासत की नई पहचान
उदयपुर। शहर की प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्था सुरों की मण्डली संस्था, उदयपुर द्वारा प्रस्तावित भव्य संगीत संग्रहालय निर्माण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष मुकेश माधवानी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई।
बैठक में उदयपुर की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने एवं आने वाली पीढ़ियों को संगीत के प्रति प्रेरित करने हेतु एक भव्य संगीत संग्रहालय की स्थापना पर विस्तृत चर्चा की गई। संस्था का उद्देश्य एक ऐसा केंद्र विकसित करना है, जहां भारतीय संगीत, दुर्लभ वाद्य यंत्र, महान कलाकारों की स्मृतियां, उपलब्धियां एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रदर्शित किया जा सके।
इस अवसर पर संस्था की ओर से संगीत संग्रहालय हेतु भूमि उपलब्ध करवाने वाली रंजना भाटी का विशेष सम्मान एवं आभार व्यक्त किया गया। संस्था पदाधिकारियों ने उनके इस योगदान को उदयपुर की सांस्कृतिक उन्नति की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एक जून से प्रस्तावित संगीत संग्रहालय के निर्माण कार्य की शुरुआत की जाएगी। संग्रहालय परिसर में सबसे पहले मां सरस्वती मंदिर की स्थापना का कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिसे संस्था ने इस सांस्कृतिक अभियान का शुभारंभ माना है।
संस्था पदाधिकारियों ने सभी संगीत प्रेमियों, उदयपुरवासियों एवं देशभर के सदस्यों से इस विश्वस्तरीय संगीत संग्रहालय निर्माण में तन-मन-धन से सहयोग करने का आह्वान किया। संस्था ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने अनुभव, सुझाव, उपस्थिति एवं सहयोग के माध्यम से इस ऐतिहासिक परियोजना का भागीदार बन सकता है। जनसहयोग से बनने वाला यह संगीत संग्रहालय उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
संस्था के सचिव अरुण चौबीसा ने जानकारी देते हुए बताया कि संगीत संग्रहालय परियोजना संस्था का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसे सभी सदस्यों के सामूहिक सहयोग एवं समर्पण से साकार किया जाएगा।
बैठक में संगठन विस्तार, डिजिटल सपोर्ट, फंड मैनेजमेंट, आगामी कार्ययोजना, मैनेजमेंट स्ट्रक्चर एवं लीगल प्रक्रियाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। संस्था द्वारा लीगल कमेटी के गठन की घोषणा करते हुए इसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिव रतन तिवारी को सौंपी गई, जो परियोजना से जुड़े कानूनी एवं प्रशासनिक पहलुओं का मार्गदर्शन करेंगे।
साथ ही संस्था ने निर्णय लिया कि संगीत संग्रहालय परियोजना एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रगति हेतु प्रत्येक माह की 1 और 16 को नियमित बैठक आयोजित की जाएगी, जिससे योजनाओं की समीक्षा एवं आगामी रणनीति तय की जा सके।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए तथा संगीत संग्रहालय निर्माण हेतु तन-मन-धन से सहयोग देने का संकल्प लिया।
बैठक में प्रमुख रूप से नीलम पटवा, गोपाल गोठवाल, मोहिउद्दीन, नूतन वेदी, झुमरूजी, एच. काजी, हेमा जोशी, राजकुमार बापना, अरुण कुमार, अंबालाल साहू, किशोर कुमार, विष्णु वैष्णव एवं योगेश उपाध्याय उपस्थित रहे।
संस्था अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने कहा कि यह संगीत संग्रहालय केवल एक भवन नहीं होगा, बल्कि उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान, संगीत प्रेमियों एवं कलाकारों के सपनों का केंद्र बनेगा, जो आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा।
अंत में सचिव द्वारा सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक का समापन किया गया।
