उदयपुर। उदयपुर में ब्रज गोपिका धाम सोसाइटी की ओर से प्रचारिका रासेश्वरी देवी के श्रीमुख से पंचम वेद श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान रहस्य का आयोजन 17 से 25 मई तक यहां हिरणमगरी सेक्टर 13 स्थित आशीष वाटिका में होगा। जगद्गुरु स्वामी कृपालु महाराज की प्रमुख प्रचारिका के रूप में देवी भारत एवं विदेशों में सनातन वैदिक धर्म के दिव्य संदेश का प्रसार कर रही हैं। दीदी आराध्या व दीदी राधिका तथा आयोजन मंडल के शशि रंजन जानी, प्रताप चुग, लोकेश द्विवेदी, आलोक चतुर्वेदी व देवेंद्र श्रीमाली ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया कि प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक यह आयोजन होगा। दीदी आराध्या ने बताया कि अपने अगाध आध्यात्मिक ज्ञान, ओजस्वी वाणी एवं हृदयस्पर्शी प्रवचनों के माध्यम से रासेश्वरी देवी ने लाखों श्रद्धालुओं को भक्ति, साधना एवं आत्मिक उत्कर्ष के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा दी है। इसी पावन उद्देश्य के साथ देवी अब उदयपुर वासियों को सनातन वैदिक धर्म के शाश्वत ज्ञान एवं श्रीकृष्ण भक्ति के दिव्य रस से अनुप्राणित करने आ रही हैं। उन्होंने पंचम वेद श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान रहस्य के विषय पर बताया कि श्रीमद् भागवत महापुराण को “पंचम वेद’ माना गया है क्योंकि इसमें चारों वेदों का सार और आध्यात्मिक निष्कर्ष समाहित है, सभी पुराणों में शिरोमणि होने के कारण इसे “महापुराण’ की संज्ञा दी गई है। भक्तों और रसिक संतों के हृदय में श्रीमद् भागवत का अत्यंत विशिष्ट स्थान है, क्योंकि इसमें श्री कृष्ण की दिव्य रसमयी लीलाओं का वर्णन है। संत जन इसे केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि साक्षात श्री कृष्ण का वांग्मय स्वरूप मानते हैं। इस प्रवचन श्रृंखला के माध्यम से देवी उदयपुर नगर को भागवत के दिव्य रस में सराबोर करेंगी। विशेष बात यह है कि यह प्रवचन केवल पारंपरिक कथा या प्रसंगों का वर्णन मात्र नहीं है। श्री कृष्ण की दिव्य लीलाओं को आधार बनाकर, देवी जी उनमें छिपे गूढ़ दार्शनिक सत्यों, आध्यात्मिक सिद्धांतों और व्यावहारिक शिक्षाओं को प्रकट करेंगी। यह श्रृंखला जिज्ञासुओं को भक्ति, आत्मा के स्वरूप, मानव जीवन के उद्देश्य और शाश्वत आनंद प्राप्ति के मार्ग का बोध कराएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं कार्यक्रम की गरिमा को ध्यान में रखते हुए आरामदायक बैठने की समुचित व्यवस्था, शुद्ध पेयजल की सुविधा, दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए निःशुल्क पार्किंग तथा समर्पित स्वयंसेवकों द्वारा सहयोग एवं मार्गदर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि प्रचारिका रासेश्वरी देवी शनिवार शाम विमान से डबोक एयरपोर्ट पहुंचेंगी। वहां से वे काफिले के साथ शहर के बापूबाजार तिराहा आएंगी। यहां उनका भव्य स्वागत करने के बाद शोभायात्रा के रूप में कमलवाडी स्थित सिंधी धर्मशाला तक ले जाएंगे। रास्ते में जगह जगह भक्तों साधकों द्वारा स्वागत किया जाएगा। सिंधी धर्मशाला में सर्व समाज की ओर से स्वागत होगा।
लेकसिटी में कल से रासेश्वरी देवी के श्रीमुख से गूंजेगी पंचम वेद की दिव्य ध्वनि
