उदयपुर में बनेगा संगीत संग्राहालय, सुरों की मंडली ने शुरू की तैयारियां, मंडली के सदस्यों की बैठक आज : मुकेश माधवानी

10 बीघा भूमि पर बनेगा राधा-कृष्ण मंदिर, गौशाला, हैप्पी होम एवं संगीत संग्राहालय
 
उदयपुर। शहर की प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्था सुरों की मंडली संस्था उदयपुर की देखरेख, प्रबंधन और संचालन में मोयेन्द्र फाउंडेशन के अंतर्गत सेलू गांव में बनने वाले संगीत संग्रहालय की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी गई है। 
 
सुरों की मंडली के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने बताया कि इसी संदर्भ में संस्था से जुड़े सदस्यों, सहयोगियों एवं संगीत प्रेमियों की एक महत्वपूर्ण बैठक 16 मई को शाम 4 बजे मधुश्री बैंक्वेट हॉल, अशोका पैलेस में आयोजित की जाएगी।
 
उदयपुर का कोई भी निवासी अगर इस संगीत संग्राहालय बनवाने की टीम में जुड़ना चाहते हैं , तो 16 मई को शाम चार बजे अशोका पैलेस में सादर आमंत्रित हैं।
 
उन्होंने बताया कि बैठक में प्रस्तावित संगीत संग्राहालय परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। इनमें परियोजना के कार्यान्वयन एवं प्रगति के लिए टीम का गठन, सेलू गांव में प्रस्तावित संपूर्ण परियोजना हेतु धन संग्रह की रणनीति तैयार करना, फंड रेजिंग टीम का गठन तथा सदस्यों से बहुमूल्य सुझाव एवं रचनात्मक विचार आमंत्रित करना शामिल रहेगा।
 
उन्होंने बताया कि इस परिसर में संगीत संग्रहालय के अलावा श्री राधे कृष्ण मंदिर, गौशाला और हैप्पी होम भी विकसित किया जाएगा। इस पुनीत कार्य हेतु कृष्णदासी रंजना भाटी ने 10 बीघा जमीन भेंट की है। 
 
कृष्णदासी रंजना भाटी ने बताया कि इस इस भूमि पर भविष्य में एक विशाल एवं बहुउद्देशीय सांस्कृतिक एवं सामाजिक परिसर विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजना के अंतर्गत राधा-कृष्ण मंदिर, गौशाला, हैप्पी होम एवं एक भव्य संगीत संग्राहालय का निर्माण किया जाएगा। 
 
संस्था के सचिव अरुण चौबीसा ने बताया कि संगीत संग्राहालय का उद्देश्य भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत, वाद्य यंत्रों एवं संगीत संस्कृति को संरक्षित करना तथा नई पीढ़ी को उससे जोड़ना रहेगा। संगीत संग्राहालय के निर्माण एवं संचालन की जिम्मेदारी सुरों की मंडली परिवार को सौंपी गई है।
 
कोषाध्यक्ष योगेश उपाध्याय ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के सफल क्रियान्वयन, निर्माण एवं संचालन के लिए एक विशेष कमेटी का गठन प्रस्तावित है। 
 
मुकेश माधवानी ने विश्वास जताया कि यह परियोजना भविष्य में संगीत, संस्कृति, सेवा एवं संस्कारों का एक जीवंत केंद्र बनेगी और उदयपुर को सांस्कृतिक रूप से नई पहचान प्रदान करेगी।
By Udaipurviews

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