“माँ तुझे सलाम” से नम हुईं आँखें, सुरों की मंडली में मनाया गया भावपूर्ण मातृत्व दिवस
उदयपुर। सुरों की मंडली संस्था, उदयपुर की ओर से मातृत्व दिवस के उपलक्ष्य में संगीतमय मातृत्व दिवस कार्यक्रम का आयोजन मधुश्री बैंक्वेट हॉल, अशोका पैलेस में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में माँ को समर्पित गीतों, कविताओं एवं भावनात्मक प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी सदस्यों को भावविभोर कर दिया। पूरा वातावरण मातृ प्रेम, श्रद्धा, ममता और संवेदनाओं से सराबोर नजर आया।
संस्थापक एवं अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने कहा कि माँ त्याग, प्रेम, समर्पण और ममता की साक्षात प्रतिमूर्ति होती हैं। उनके सम्मान में आयोजित यह कार्यक्रम सभी सदस्यों के लिए अत्यंत विशेष और अविस्मरणीय रहा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सुरों की मंडली के सदस्यों ने “तू कितनी अच्छी है”, “माँ तुझे सलाम”, “चंदा है तू मेरा सूरज है तू”, “यशोमती मैया से बोले”, “लुका छुपी बहुत हुई” और “तुझे सब है पता है न मां आदि की प्रस्तुतियां दी।
सचिव अरुण चौबीसा ने कहा कि माँ केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली पहली गुरु होती हैं। उनका प्रेम निस्वार्थ, असीम और अनमोल होता है। माँ का स्थान जीवन में सर्वोच्च है और उनका सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति का प्रथम कर्तव्य होना चाहिए।
संस्था के कोषाध्यक्ष योगेश उपाध्याय ने कहा कि माँ जीवन की पहली गुरु होती हैं। उनके संस्कार, प्रेम और आशीर्वाद से ही व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ता है। हमें हर दिन अपने माता-पिता का सम्मान और सेवा करनी चाहिए।
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन नूतन वेदी एवं गोपाल गोठवाल द्वारा किया गया। वहीं कार्यक्रम के आयोजन में विष्णु वैष्णव, गोपाल गोठवाल, नूतन वेदी, विकास स्वर्णकार, समस्त सांस्कृतिक सचिवगण का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम में नूतन वेदी, गोपाल गोठवाल, अखिलेश जोशी, विश्वा पंड्या, कमल जुनेजा, आराध्या वैष्णव, किशोर कुमार यादव, विष्णु वैष्णव, अरुण चौबीसा, विजय सिंह राजपूत, एल.के. जैन, संगीता गोस्वामी, ज्योति मोदियानी, अंबालाल साहू, गौरव स्वर्णकार, मेधा गोस्वामी, मोहन सोनी, डॉ. हर्ष नेमनानी, एस.के. मेहता, मधु शर्मा, नीलम पटवा, माला छत्तानी, सरिता कुंवर राव, गीता सिंह, विकास स्वर्णकार, पुष्कर नायक, निशा राठौड़, के.के. खंडेलवाल, महेंद्र चावला, बिंदु जोशी, लालूराम गमेती, सुरेंद्र दत्त व्यास, रमेश्वर लाल पानोरी एवं सी.पी. जैन सहित अनेक सदस्यों ने माँ को समर्पित मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक गीत एवं माताओं को नमन के साथ हुआ। उपस्थित सभी सदस्यों ने इसे एक यादगार एवं भावपूर्ण आयोजन बताया।
