दि कर्मयोगी-उत्तरदायी शासन अभियान के तहत होगा 758 जनजातीय बाहुल्य गांवों का कायाकल्प

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

3 दिवसीय जिला प्रोसेस लैब का समापन

उदयपुर, 11 सितम्बर। ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत आदि कर्मयोगी-उत्तरदायी शासन अभियान के तहत उदयपुर जिला मुख्यालय स्थित होटल कजरी में जिला कलेक्टर नमित मेहता के मुख्य आतिथ्य व मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में 3 दिवसीय जिला प्रोसेस लैब प्रशिक्षण का समापन गुरुवार को हुआ। जिला कलेक्टर ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से जनजातीय क्षेत्र में 17 विभागों से समन्वय के जरिए धरातल पर जरूरतों को ध्यान में रखकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी साथ ही जो लोग अब तक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए हैं, उन्हें चिन्हित कर लाभान्वित किया जाएगा।

ग्राम स्तर तक पहुँचेगा अभियान
उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उदयपुर जिले को देशभर में अव्वल लाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। कलेक्टर ने बताया कि जिन आदि कर्मयोगियों ने डिस्ट्रिक प्रोसेस लैब में भाग लिया है, वे ब्लॉक स्तर पर आदिवासी क्षेत्र को सशक्त करने हेतु ग्राम स्तर तक टीम तैयार करेंगे और हर व्यक्ति को अभियान से जोड़ने का कार्य करेंगे। इससे अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप मिलेगा।

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की दी जानकारी
जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिया डाबी ने बताया कि जिले में जनजातीय विकास और परिवर्तन के लिए व्यक्तियों व संस्थाओं को सशक्त बनाने को लेकर उक्त 3 दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जिले के 758 जनजातीय बाहुल्य गांवों का चयन किया गया है। इन चयनित गांवों में 17 विभागों द्वारा विकास की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

सीईओ ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में ब्लॉक मास्टर ट्रेनर (बीएमटी) को जिला मास्टर प्रशिक्षक (डीएमएटी) द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। इसके आधार पर ब्लॉक मास्टर ट्रेनर आगे आदि कर्मयोगी, आदि सहयोगी व आदि साथी को प्रशिक्षण देंगे।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण उपरांत आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 17 विभागों की 25 योजनाओं से जनजाति समूह को सशक्त बनाने हेतु सामूहिक प्रयास कर लाभ पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी वीरमाराम, जगदीश चौबे, नवीनराज, नरपत सिंह राजपूत, अर्जुन राम तावड़, मीना दशोरा और डॉ. राकेश गुप्ता ने मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका निभाई और प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया।

जनजातीय क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता
प्रशिक्षण समापन के बाद आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर नमित मेहता ने कहा कि अभियान के दायरे में जिले के 758 जनजातीय बाहुल्य गांव शामिल हैं। इन गांवों में आधारभूत संरचनाओं और सुविधाओं का विकास होगा, साथ ही विभिन्न योजनाओं का संतृप्ति स्तर बढ़ाते हुए अब तक वंचित पात्र व्यक्तियों को भी लाभ दिलाया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वाच्च प्राथमिकता है। स्थानीय आमजन के सहयोग और सुझावों से इस अभियान को मूर्त रूप देंगे और इसे एक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करेंगे।

By Udaipurviews

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