आत्ममंथन और अंतरात्मा की आवाज सुनना ही जीवन का सच्चा उद्देश्यःसाध्वी डॉ. विद्युत् प्रभा श्रीजी
उदयपुर। दादावाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक चातुर्मास प्रवचन श्रृंखला के अंतर्गत परम पूज्य विदुषी साध्वी डॉ. विद्युत् प्रभा श्रीजी म.सा. ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि परमात्मा के शासन और उनकी वाणी को समझना ही आत्मकल्याण का मार्ग है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं से यह प्रश्न करना चाहिए कि मैं कौन हूँ, कहाँ से आया हूँ और मुझे कहाँ जाना है। यही आत्मनिरीक्षण जीवन को सार्थक बनाता है। साध्वीश्री ने आत्मा के तीन स्वरूपकृबाह्यात्मा, अंतरात्मा और परमात्माकृका विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य बाहरी पदार्थों और भौतिक सुखों में आनंद खोजता रहता है, जबकि…
