जैन शासन का सौभाग्य जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि, हमें क्या मिला का भाव त्यागें: निरागरत्न सूरीश्वर महाराज
उदयपुर। पंचवटी स्थित पूर्व पार्षद अजय पोरवाल एवं परिवार के सान्निध्य में पूज्य मुनि निरागरत्न सूरीश्वर महाराज, मुनि सुमतिचन्द्र सागर महाराज एवं मुनि शीतलचन्द्र सागर महाराज का मंगल प्रवेश एवं पधरामणी श्रद्धा, भक्ति और धर्ममय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में संतों के प्रेरक प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, संयम और संस्कारमय जीवन का संदेश दिया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूज्य मुनि निरागरत्न सूरीश्वर महाराज ने कहा कि जीवन में सबसे बड़ा सौभाग्य जैन कुल और जैन शासन की प्राप्ति है। यदि व्यक्ति हर कार्य में “हमें क्या मिला” जैसी स्वार्थपूर्ण भावना रखता है तो…
