जहां लगावःवहां दुख-आचार्य ज्ञानेश
उदयपुर। श्री अरिहंतमार्गी जैन महासंघ शाखा उदयपुर के तत्वावधान में ओरबिट रिसोर्ट स्थित अरिहंत भवन में आयोजित धर्मसभा में आचार्य ज्ञानचंद्र महाराज ने कहा कि मनुष्य का जिस स्थान या जिस चीज के साथ लगाव होता है। वहीं उसके साथ कुछ भी अनष्टि होने पर उसे दुख का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि हम किस दृष्टिकोण से बात को पकड़ते हैं, यह महत्वपूर्ण है। बिल्ली अपने बच्चों को पड़ती है और चूहे को भी पड़ती है, लेकिन दोनों में बड़ा फर्क रहता है। मिट्टी के दो गोल हैं- एक गीला है दूसरा सुखा है। जो गीला है वो चिपकेगा,…
