दुनिया के अधिकांश जीव मोह की नींद में सो रही है : जैनाचार्य रत्नसेन सूरीश्वर महाराज
महावीर साधना एवं स्वाध्याय समिति में निरंतर चल रहे धार्मिक प्रवचन उदयपुर, 28 जून। श्री वासुपूज्य स्वामी जैन संघ महावीर साधना एवं स्वाध्याय समिति अंबामाता में शनिवार को जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सूरीश्वर महाराज ने धर्मसभा को प्रवचन देते हुए कहा कि - शरीर रुपी गाड़ी में इन्द्रिया मुसाफिर के समान है और आत्मा ड्राइवर के समान है। यदि आत्मा रूपी ड्राइवर मौजूद है तो शरीर और इंद्रिय रूपी गाड़ी चल सकती है और यदि आत्मा रुपी ड्रायवर इस शरीर रूपी गाड़ी से जाए तो शरीर और इन्द्रिया शक्तिहीन है। सामान्य से हम कहते है कि हम आंखों से देखते…
