11 हजार कावड़ियें करेंगे महादेव का जलाभिषेक
भारत माता का पूजन कर की गंगा आरती
पुष्प वर्षा से होगा कावड यात्रा का स्वागत
उदयपुर 16 अगस्त /देश में सुख शांति एवं अच्छी वर्षा की कामना को लेकर शिव महोत्सव समिति की ओर से 51 कार्यकर्ताओं के साथ 2006 में अकाल की स्थिति को देखते हुए मेवाड़ में पहली बार 21 मिलोमीटर की 5 हजार वर्ष प्राचीन श्री तीर्थराज गंगोदभव कुंड से उभयेश्वर महादेव तक शिव महोत्सव समिति की ओर से निकाली गई कावड यात्रा ने आज अपना विराट स्वरूप ले लिया है।
21वीं कावड़ यात्रा सोमवार को प्रातः 8 बजे अतिथियों द्वारा पांच नदियों से लाये गंगा के जल की पूजा अर्चना के बाद कावड़ियों द्वारा अपने अपने कावड़ की पूजा करने के बाद कावड यात्रा को रवाना करेगे। कावड यात्रा के आगे खुली जीप मंे पीतल के बडे कलश मंे गंगा जल को रखा जायेगा, उसके पिछे डीजे सेट चलेगे जो महादेव का गान करते हुए चलेगे। पूरे रास्ते कावड यात्रा पुष्प वर्षा से स्वागत किया जायेगा। कावड़िये प्रातः 06 बजे से ही अपने अपने वाहनों से आना शुरू हो जायेंगे। कावड यात्रा में शामिल होने वाले कावड़िये सफेद बनियान, कुर्ता, धोती एवं कपड़े के बुट एवं महिलाएॅ परम्परिक परिधान में शामिल होंगी। सभी शिव भक्तों के लिए गंगु विकास समिति की ओर से नाश्ते एवं चाय की व्यवस्था की गई है।
कावड़ का कावड़ियों का इंतजार-अध्यक्ष यज्ञ नारायण शर्मा ने बताया कि 11 हजार कावड़िये महादेव का अभिषेक करेंगे। रविवार को कार्यकर्ताओं ने पूरे परिसर में कावड़ में जल भर गंगोदभव परिसर में जमाया गया। अब का कावड़ को कावड़ियों का इंतजार है।
भारत माता का पूजन कर की गंगा आरती:सात दिवसीय समारोह संयोजक एडवोकेट डॉ. राम कृपा शर्मा ने बताया कि कावड यात्रा निमित आयोजित सात दिवसीय समारोह के तहत रविवार को बजरंग सेना मेवाड़ की ओर से पांच हजार वर्ष पुराने गंगा के चौथे पाये गंगोदभव कुंड पर भारत का पूजन कर भव्य संगीतमय गंगा महाआरती की गई गई जिसमें बड़ी संख्यॉ में महिला एवं पुरूषों ने भाग लिया। संस्थाक कमलेन्द्र सिंह ने बताया कि सभी कार्यकर्ताआंें ने अपने हाथों में दीपक लेकर गंगा आरती की ।
संस्थापक कमलेन्द्र सिंह पंवार ने बताया कि इस अवसर पर संरक्षक डॉ. प्रदीप कंुमावत, धिरेन्द्र सच्चाज, महंत नारायण दास, महंत श्याम बाबा, एडवोकेट निर्मल पंडित, मनोहर चौधरी, दिनेश मकवाना, वरदीचंद चौधरी, गिरिश शर्मा, सुनील कालरा, रामकृपा शर्मा, महेश भावसार, यज्ञ नारायण शर्मा, सत्यपाल सिंह डोडीया, अनुप सिंह , प्रेम सिंह मदारा, विरेन्द्र सिंह यदुवंशी, पुखराज सिंह राजपुरोहित, मुकेश सिंह रावत, कंचन राजपुत, सुरेश चौहान, करणवीर सिंह राठौड, ऋषभ सिंह गहलोत, कृष्णकांत कुमावत, सुरेश रावत, आनंदीलाल चितौडा सहित बड़ी संख्यॉ में भक्तों ने गंगा की आरती की।
21 पंडितों द्वारा होगा महारूद्राभिषेक : अध्यक्ष यज्ञ नारायण शर्मा ने बताया 21वीं कावड़ यात्रा पर सामुहिक अभिषेकात्मक पाठात्मक महारूद्र सोमवार को उभयेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में 21 विद्वान पंडितों और 21 जजमान जोड़ों द्वारा किया जायेगा।
कावड यात्रा सोमवार को:-सात दिवसीय समारोह संयोजक रामकृपा शर्मा ने बताया कि इस बार 11 हजार कावड तैयार की गई जिसे अंतिम रूप दिया जा रहा है वही उभयेश्वर महादेव मंदिर में शहर से आने वाले करीब 20 हजार के करीब भक्तों के लिए समिति की ओर से भोजन की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक कावडिये को पीपड का एक पौधा दिया जायेगा जिसे वे उभयेयश्वर महादेव की पहाड़ियों पर या अपने गांव ले जाकर लगाये व उन्हे उसे बडा करने का संकल्प पत्र भी भरवाया जायेगा, साथ ही बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं का संकल्प पत्र भी भरवाया जायेगा।
इस रास्ते से जायेंगे कावड़िये : कावड यात्रा गंगोदभव कुंड से प्रारंभ होगी जो आयड़, अशोक नगर, शक्ति नगर, टाउन हॉल, बापू बाजार, देहली गेट, तीज का चौक, मंडी की नाल, मोचीवाडा, घंटाघर, जगदीश चौक, गडियादेवरा, चांदपोल, ब्रहमपोल, दुधिया गणेश जी, रामपुरा, गोरेल्ला, धार, मोरवानिया होते हुए उभयेश्वर महादेव पहुंची जहा गंगा जल से महादेव का अभिषेक किया जायेगा। जहॉ भक्तों एवं कावडियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है।
पुष्प वर्षा से कावड यात्रा का होगा स्वागत:-मिडिया प्रभारी कृष्णकांत कुमावत ने बताया कि कावड यात्रा का पूरे रास्ते 201 गेट लगा पुष्प वर्षा से स्वागत किया जायेगा। पूरे रास्ते में विभिन्न सामाजिक, राजनेतिक व धार्मिक संगठनों द्वारा कावडियों के लिए पानी, मिल्क रोज, आईसक्रीम, फु्रट्स की व्यवस्था की गई।
इनकी रहेगी सुरक्षा व्यवस्था:- शहर से निकलने वाली कावड़ यात्रा को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए महादेव धर्मोत्सव समिति के अध्यक्ष मानसिंह हाडा, महेश भावसार, संयोजक नरेश वैष्णव, सुरेश रावत के सानिध्य में उनकी टीम के सदस्य केसरिया टी शर्ट में भाग लेगे तथा पूरे रास्ते मे सुरक्षा का ध्यान रखेगे तथा कावड़िये को किसी भी प्रकार की दिक्कत या घटना होने पर वे उनका पूरा ध्यान रखेगे। यात्रा के पिछे एम्बुलेंस एवं बसों की व्यवस्था भी गई है कोई कावडिया अथवा बुजूर्ग व्यक्ति बीच रास्ते में चलने में असमर्थ हो तो उसे बस बैठा कर ले जाया जायेगा।
