शाश्वत आत्मा के अलावा संसार में सब कुछ अशरण, मोह छोड़ निर्माेही बनने का करें अभ्यासः डॉ. राजेन्द्र मुनि

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर। महावीर समवसरण में 7 सितम्बर को आयोजित प्रवचन सभा में डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने मनुष्य के जीवन की सार्थकता और उसके कर्मों का विवेचन करते हुए कहा कि विवेकपूर्ण जीवन ही मनुष्य की सच्ची पहचान है। मनुष्य वही है जो निरंतर अपने कर्मों की परिणति को समझे और प्रत्येक कार्य में विवेक रखते हुए प्रमाद से दूर रहे।
उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को करने से पहले उसके परिणामों पर विचार करना चाहिए। जीवन में जो वस्तु उपयोगी, जनोपयोगी और जीवन जीने के लिए आवश्यक है, उसका ही उपयोग किया जाना चाहिए। बिना विचारे किसी वस्तु का सेवन उचित नहीं है। दवा आदि का सेवन करने से पहले उसके आवश्यक होने तथा उससे होने वाले लाभ-हानि को समझना चाहिए। साथ ही हिंसाजनक कार्यों का परित्याग करना चाहिए।
डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि जैन धर्म का श्रावक बनना भी एक साधना है। वर्तमान समय में अर्थ की लोकप्रियता के कारण उत्पन्न होने वाली हिंसा तथा अनावश्यक हिंसा के प्रति भी जागरूक रहने की आवश्यकता है। भगवान महावीर स्वामी ने जीवन में संयम को विशेष महत्व दिया है। मनुष्य को संयम का पालन करते हुए हिंसा एवं अन्य अनैतिक कार्यों का त्याग करना चाहिए।
डॉ. राजेन्द्र मुनि ने शरण एवं अशरण चरण की विवेचना करते हुए कहा कि एक शाश्वत आत्मा के अलावा संसार के समस्त पदार्थ एवं परिजन अशरण हैं। जीवन में जब किसी प्रियजन के शोक-दुःख का आगमन होता है तो परिजन उस दुःख से आसानी से उबर नहीं पाते, लेकिन अपनी वेदना अंततः स्वयं को ही भोगनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि जीवन में जिन-जिन वस्तुओं और व्यक्तियों का संयोग प्राप्त होना लिखा है, उनका एक दिन वियोग भी अवश्यंभावी है। इसलिए मनुष्य को मोह का परित्याग कर निर्माेही बनने का अभ्यास करना चाहिए। संसार के सभी संयोग परिवर्तनशील हैं, जबकि आत्मा शाश्वत है। इस सत्य को समझकर मनुष्य को अपने जीवन को संयम, साधना और आत्मचिंतन की दिशा में ले जाना चाहिए।
अध्यक्ष एडवोकेट रोशनलाल जैन एवं महामंत्री हिम्मत बड़ाला ने बताया कि 8 सितम्बर से पर्युषण महापर्व के आगमन के साथ समाज एवं महिला युवा मंडल द्वारा सामूहिक रूप से जप-तप की साधना प्रारंभ की जा रही है। विशाल सभा मंडप के निर्माण एवं प्रचार-प्रसार के लिए सभी कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। मानवीय सहयोग सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ता पूरी तत्परता से सहयोग जुटाने में लगे हैं। श्रावकगण भी उत्साहपूर्वक इसमें भाग ले रहे हैं।
सभा में उपस्थित सभी श्रावक-श्राविकाओं का समाज की ओर से स्वागत कर धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

By Udaipurviews

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