उदयपुर 08 / राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के खिलाफ पिछले 34 दिनों से संस्थान के डबोक परिसर में कतिपय कार्यकर्ताओं द्वारा विद्यापीठ के छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से किये जा रहे धरना प्रदर्शन को लेकर बुधवार को विद्यापीठ के डीन, डायरेक्टर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल, आईजी डॉ. गौरव श्रीवास्तव, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन को ज्ञापन दे सख्त कार्यवाही की मांग की। इनके द्वारा विश्वविद्यालय की विभिन्न एजेन्सियों में अनर्गल सूचनाएॅ भेजी जा रही है जिसका प्रभाव विश्वविद्यालय में आने वाले विद्यार्थियों पर पड रहा है। विद्यापीठ 90 वर्ष पुरानी संस्था है जिसे राज्य अथवा केन्द्र से किसी प्रकार का अनुदान नहीं मिल रहा है संस्था पूरी तरह से विद्यार्थियों पर ही आश्रित है और देश विदेश में अपनी पहचान बनायी है। प्रदर्शन करने वालों के साथ प्रशासन की दो बार वार्ता भी हो चुकी है लेकिन वार्ता के बाद नयी मांगे लेकर आ जाते है। प्रदर्शनकारियों द्वारा संस्था के कार्यो में बाधा पहुंचाने साथ ही कार्यकर्ता के साथ भी धक्का मुक्की की गयी जिसकी शिकायत डबोक थाने में दी गयी है। इनके द्वारा अमान्य कर्मचारी संगठन का दुरूपयोग किया जा रहा है। इस सम्बंध में 29 जून को भी ज्ञापन दिया जा चुका है। सभी कार्यकर्ता श्रमजीवी महाविद्यालय एकत्रित हु ए और वहॉ से शांतिपूर्वक रेली के रूप में देहलीगेट होते हुए कलेक्ट्री परिसर पहुंचे।
कलेक्ट्री परिसर से सभी कार्यकर्ता प्रतापनगर स्थित विद्यापीठ के प्रशासनिक भवन पहुंचे और कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत से विद्यापीठ के खिलाफ जाने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की मांग की। संस्था से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य जुडा हुआ है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यापीठ के 700 कार्यकर्ताओं में भय का माहौल बना हु आ है इनके रोजी रोटी एवं इनके परिवार के भरष पोषण का सवाल है। अगर कोई समस्या है तो मिलबैठ कर दूर की जा सकती है लेकिन अपनी बात को बाहरी एजेन्सियों के सामने रखना यह उचित नहीं है।
इस अवसर पर में पीठ स्थविर डॉ. कौशल नागदा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. पारस जैन, प्रो. युवराज सिंह राठौड, डॉ. धमेन्द्र राजौरा , डॉ. भवानीपाल सिंह राठौड, डॉ. सुनिता मुर्डिया, प्रो. प्रो. मलय पानेरी, प्रो. बलिदान जैन, डॉ. अमी राठौड, प्रो. हेमेन्द्र चौधरी, डॉ. शेलेन्द्र मेहता, प्रो. धीरज प्रकाश जोशी, डॉ. मनीष श्रीमाली, लाला राम जाट, डॉ. एसबी नागर, प्रो. अमी राठौड, डॉ. सपना श्रीमाली, डॉ. महेश आमेटा, डॉ. मोहसीन छीपा, डॉ. संजीव राजपुरोहित, गजेन्द्र सिंह, डॉ. नजमुद्दीन, उमराव सिंह राणावत, डॉ. दिपेश वत्स, डॉ. ओम पारीक, डॉ. विजय दलाल, डॉ. रोहित कुमावत, डॉ. शरद वर्मा, लहरनाथ, राकेश दाधीच, डॉ. अमीत बाहेती, डॉ. हिम्मत सिंह, डॉ. जयसिंह जोधा, त्रिभुवन सिंह, भेरूसिंह खरवड, शाहदाब, सांवरिया लाल धाकड सहित विद्यापीठ के डीन, डायरेक्टर सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।
